उमाकांत त्रिपाठी।कर्नाटक गवर्नर ने CM सिद्धारमैया को मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) से मुआवजे के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में घिरे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने कारण बताओ का नोटिस जारी किया है। उन्होंने सिद्धारमैया से उनकी पत्नी को महंगी साइट्स के आवंटन में गलत अनियमितताओं को लेकर सपष्ट मांगा है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने MUDA स्कैम को लेकर 25 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्हें एक ज्ञान सौंपा था, जिसमें मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई थी। इसी दौरान वकील और कार्यकर्ता टीजे अब्राहम ने सिद्धारमैया पर केस चलाने की अनुमति मांगी थी। गुरुवार को राज्यपाल ने इस मामले पर समझदारी दिखायी .और सिद्धारमैया को नोटिस जारी करने को कहा।
मीटिंग के बाद शिवकुमार बोले
नोटिस जारी होने के बाद कर्नाटक कैबिनेट की मीटिंग बुलाई गई। इसमें सिद्धारमैया को जारी नोटिस पर मंत्रियों ने चर्चा की। हालांकि, मीटिंग में सिद्धारमैया शामिल नहीं हुए थे। इस मीटिंग की अध्यक्षता डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने की थी। मीटिंग में राज्यपाल से नोटिस वापस लेने का फैसला लिया गया है। मीटिंग के बाद शिवकुमार बोले- राज्यपाल का फैसला लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने के बराबर है।
डिप्टी CM बोले
शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को MUDA से वैकल्पिक साइट मिलने में कुछ भी गलत नहीं है। शिवकुमार ने कहा कि मुकदमे का सवाल ही नहीं उठता।मुझे उम्मीद है कि राज्यपाल नोटिस वापस ले लेंगे और किसी भी दबाव के बावजूद अपने पद की मर्यादा बनाए रखेंगे।
जानें क्या है 50:50 अनुपात भूमि आवंटन योजना
50:50 अनुपात भूमि आवंटन योजना कर्नाटक में पिछली भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान लागू की गई थी। भूमि आवंटन में विवाद इस कारण चर्चा में है क्योंकि कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की पत्नी 2021 में MUDA की इस स्कीम में एक लाभार्थी थीं।
हालांकि इस स्कीम के अनुसार, मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) किसी भूमि पर आवासीय लेआउट विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण कर सकेगी। अधिग्रहण के बदले लैंड ओनर्स को 50% जमीन किसी विकसित लोकेशन पर दिया जाएगा। लेकिन इस स्कीम पर बढ़ते विवाद के चलते 2023 में शहरी विकास मंत्री बैराठी सुरेश ने वापस ले लिया था।
जानें कब और क्या आरोप लगे?
केंद्र में भाजपा की सहयोगी जनता दल सेक्युलर के नेता और केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने दावा किया है कि मैसूर में वैकल्पिक भूमि आवंटन योजना को लेकर विवाद कांग्रेस पार्टी में सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच सीएम पद के लिए खींचतान का परिणाम है।भूमि आवंटन घोटाले का खुलासा एक RTI एक्टिविस्ट ने करते हुए कहा कि, पिछले चार वर्षों में 50:50 योजना के रूप में जानी जाने वाली योजना के तहत 6,000 से अधिक साइटें आवंटित की गई हैं।
एक्टिविस्ट कुरुबरा शांथकुमार ने गवर्नर को चिट्ठी लिखी
5 जुलाई को एक्टिविस्ट कुरुबरा शांथकुमार ने गवर्नर को चिट्ठी लिखते हुए कहा कि- मैसूर के डिप्टी कमिश्नर ने MUDA को 8 फरवरी 2023 से 9 नवंबर 2023 के बीच 17 पत्र लिखे हैं और 27 नवंबर को शहरी विकास प्राधिकरण, कर्नाटक सरकार को 50:50 अनुपात घोटाले और MUDA कमिश्नर के खिलाफ जांच के लिए लिखा था। इसके बाद भी MUDA के कमिश्नर ने कानून के डर के बिना हजारों साइटों को आवंटित किया। ऐसे में अब इस घोटाले को लेकर भाजपा मौजूदा कर्नाटक सरकार पर हमलावर है।















