खबर इंडिया की।शिव सेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर ‘पावर जिहाद’ करने का आरोप लगाया।साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में रहने के लिए राजनीतिक दलों में फूट डाल रही है।इसके साथ ही उद्धव ने गृह मंत्री अमित शाह को अहमद शाह अब्दाली का वंशज बताया।बोले- अब्दाली ने पानीपत के युद्ध में मराठाओं को हराया था। हालांकि, 21 जुलाई को अमित शाह ने पुणे में ठाकरे को औरंगजेब फैन क्लब का लीडर कहा था। उद्धव ने शाह के इसी तंज का जवाब दिया।उद्धव के इस बयान के बाद महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे कुंठित और उदास व्यक्ति हैं। इस कुंठा ने उनके दिमाग पर बुरा असर डाला है। आज के उनके भाषण से यह साफ हो गया है कि वह वाकई औरंगजेब फैन क्लब के सदस्य हैं।
अमित शाह का बयान -और उद्धव का जवाब:
21 जुलाई, अमित शाह: उद्धव ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं, जिन्होंने 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए जीवनदान मांगा था। औरंगजेब फैन क्लब क्या है? जो 26/11 के आतंकी हमले के दोषी कसाब को बिरयानी खिलाते हैं, जो जाकिर नाइक को शांति दूत पुरस्कार देते हैं और जो PFI का समर्थन करते हैं। उद्धव ठाकरे को इन लोगों के साथ बैठने में शर्म आनी चाहिए।
महा विकास अघाड़ी औरंगजेब फैन क्लब है। यह भारत की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता है। उद्धव ठाकरे इस फैन क्लब के लीडर हैं। यह फैन क्लब महाराष्ट्र और भारत को सुरक्षित नहीं रख सकता है। सबकी सुरक्षा सिर्फ भाजपा कर सकती है।
3 अगस्त, उद्धव ठाकरे: हमने अपने हिंदुत्व की व्याख्या की, इसके बावजूद अगर मुस्लिम हमारे साथ हैं, तो भाजपा के मुताबिक हम औरंगजेब फैन क्लब हैं।
शरद पवार ने शाह पर साधा निशाना
21 जुलाई को पुणे में ही अमित शाह ने कहा था कि विपक्ष हम पर गलत आरोप लगा रहा है, लेकिन भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े सरगना शरद पवार हैं। अगर देश में किसी भी सरकार में किसी राजनेता ने भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया है, तो वह शरद पवार हैं और मुझे इस बारे में बिल्कुल भी संदेह नहीं है।
इसके जवाब में 22 जुलाई को NCP (एसपी) नेता शरद पवार ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था। पवार ने कहा- कुछ दिनों पहले गृह मंत्री ने मेरे खिलाफ कुछ बातें कहीं। उन्हें मैं याद दिला दूं कि आज जो आदमी देश का गृह मंत्री है, वह ऐसा व्यक्ति है जिसने गुजरात के कानून का दुरुपयोग किया है।
महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ी इसी साल होगें विधानसभा चुनाव
महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी की असल वजह आगामी विधानसभा चुनाव हैं। महाराष्ट्र सहित देश के 4 राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होंगे। 14 दिन पहले महाराष्ट्र में विधान परिषद (MLC) के चुनाव हुए थे। NDA को जबरदस्त जीत मिली थी। गठबंधन ने 11 में से 9 सीटें जीतीं थीं। वहीं INDIA गठबंधन के तीन प्रत्याशी खड़े थे, जिनमें 2 ही जीत सके। कांग्रेस के 7 से 8 विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की खबर थी।















