उमाकांत त्रिपाठी। अयोध्या में 12 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी को लेकर अब सियासत शुरु हो गई है। बीजेपी और सपा लगातार इस मामले को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सत्ताधारी दल बीजेपी ने सपा पर धर्म के आधार पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया गया है। वहीं सपा भी डीएनए टेस्ट की मांग पर अड़ी है।
रविवार यानी 4 अगस्त को बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा। खबर के मुताबिक राज्यसभा सांसद बाबू राम निषाद और प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप पीड़ित परिवार से मिलने अयोध्या पहुंचेंगे।
मामले में तेज हुई सियासत
वहीं अब इस पूरे मामले पर सियासी रंग भी चढ़ने लगा है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए डीएनए टेस्ट की मांग की है। सपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा- “कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है, उनका DNA TEST कराकर इंसाफ का रास्ता निकाला जाए, ना कि केवल आरोप लगाकर सियासत की जाए. जो भी दोषी हो उसे कानून के हिसाब से पूरी सजा दी जाए, लेकिन अगर DNA TEST के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के दोषी अफसरों को भी न बख्शा जाए, यही न्याय की मांग है।
अखिलेश की मांग पर मौर्य का पलटवार
अखिलेश यादव की इस मांग को लेकर उत्तरप्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया है। मौर्य ने एक्स पर लिखा है- बलात्कारियों को बचाना सपा की जन्मजात फितरत है।. अगर बलात्कारी मुसलमान हो तब पूरा का पूरा सैफई परिवार उसे बचाने के लिए खूंटा गाड़ देता है। इस सबके बीच फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद के साथ आरोपी मोईद की तस्वीरें वायरल होने के मामले में सांसद ने भी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष को ना फंसाया जाए. डीएनए टेस्ट करा लिया जाए।














