उमाकांत त्रिपाठी। यूपीएससी में लेटरल एंट्री के पदों पर भर्ती के विज्ञापन पर सरकार ने रोक लगा दी है। पीएम मोदी के निर्देश पर सीधी भर्ती के विज्ञापन पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही DOPT ने यूपीएससी चेयरमैन को चिट्ठी भी भेजी है। आपको बता दें कि विपक्ष के साथ ही सरकार के कई सहयोगियों की ओर से यूपीएससी में लेटरल एंट्री और उसमें आरक्षण नहीं दिए जाने का विरोध किया था।
इस विरोध को देखते हुए बीच सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया है। खबर के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भर्ती का विज्ञापन रद्द करने को कहा गया है।
लेटरल एंट्री पर मचा था घमासान
UPSC के जरिए नौकरशाही में लेटरल एंट्री (Lateral Entry) पर हाल ही में घमासान मचा हुआ था। दरअसल शनिवार को यूपीएससी ने एक विज्ञापन दिया था, जिसमें जॉइंट सेक्रेट्री से लेकर डारेक्टर पद तक के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन वेकेंसी को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर लेटरल एंट्री के जरिए भरा जाना था। पक्ष और विपक्ष इस मामले पर आमने-सामने आ गए थे।
विपक्ष ने साधा था निशाना
राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत तमाम नेता इसे लेकर केंद्र पर निशाना साध रहे थे। राहुल गांधी ने तो यहां तक कह दिया कि लेटरल एंट्री के जरिए भर्ती कर सरकार SC,ST और OBC वर्ग का आरक्षण छीनने का काम कर रही है। यहां तक लालू, अखिलेश और मायावती भी राहुल के सुर में सुर मिलाते नजर आ रहे थे। दोनों ने केंद्र के इस फैसले को बीजेपी की साजिश और संविधान का उल्लंघन करार दिया था। वहीं केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कांग्रेस पर भ्रामक दावे करने का आरोप लगाया था।














