उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार (3 सितंबर) को कहा कि अगर छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा बनाने में स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल होता तो वह कभी नहीं गिरती। केंद्रीय मंत्री दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
स्टेनलेस स्टील का करना था इस्तेमाल
गडकरी ने कहा- मैं पिछले तीन सालों से इस बात पर जोर रहा हूं कि समुद्र के आसपास बनी सड़कें, पुलों या किसी तरह के निर्माण में स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गडकरी ने कार्यक्रम में नेशनल हाईवे, रोड और टनल कंस्ट्रक्शन में आ रही दिक्कतों पर भी बात की। गडकरी ने कहा- जब मैंने (महाराष्ट्र के मंत्री के रूप में) मुंबई में 55 फ्लाईओवर बनाए, तो एक आदमी मुझे घुमाने के लिए ले गया। उसने लोहे की रॉड पर कुछ पाउडर कोटिंग लगाई और कहा कि वे जंग-रोधी हैं, लेकिन उनमें जंग लग रही थी। अब मुझे लगता है कि समुद्र से 30 किमी के अंदर सभी सड़कों पर स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मैंने भविष्य में मुंबई के सभी पुलों के लिए स्टेनलेस स्टील इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।
पीएम मोदी ने मांगी थी माफी
दरअसल, 26 अगस्त को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग स्थित राजकोट किले में 8 महीने पहले बनी शिवाजी की 35 फीट ऊंची प्रतिमा गिर गई थी। पीएम मोदी ने पिछले साल 4 दिसंबर को प्रतिमा का अनावरण किया था। विपक्ष ने शिवाजी की प्रतिमा गिरने का जमकर विरोध किया। इसके बाद PM मोदी को माफी मांगनी पड़ी थी। 27 अगस्त को मोदी ने पालघर में एक प्रोग्राम में कहा, ‘हमारे लिए छत्रपति शिवाजी सिर्फ एक महाराजा नहीं हैं। वे पूजनीय हैं। आज मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने नतमस्तक हूं और उनसे क्षमा मांगता हूं।’
ठेकेदार को जारी हुा था नोटिस
मोदी से पहले महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे, डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी माफी मांग चुके हैं। हालांकि, CM शिंदे ने पहले कहा था कि तेज हवा के कारण प्रतिमा गिर गई। शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के मामले में ठेकेदार जयदीप आप्टे के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। अधिकारियों ने मंगलवार (3 सितंबर) को यह जानकारी दी। किसी व्यक्ति को देश से भागने से रोकने के लिए एयरपोर्ट्स और अन्य एग्जिट पॉइंट्स पर LOC जारी की जाती है।















