उमाकांत त्रिपाठी।हिजबुल्लाह ने शनिवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निजी घर पर ड्रोन हमला किया। एक निजी चैनल के मुताबिक PMO ने कहा कि- हमला लेबनान से हुआ था। तब नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा घर पर नहीं थे। फिलहाल हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि- शनिवार को लेबनान से इजराइल पर 3 ड्रोन दागे गए। इनमें से एक कैसरिया शहर में एक इमारत पर गिरा।लेबनान से दो और ड्रोन लॉन्च किए गए थे, जिन्हें रोक दिया गया। इसके चलते गिलोट सैन्य अड्डे पर अलार्म बजने लगे।IDF ने माना है कि- उनका एयर डिफेंस सिस्टम हमले को रोकने में विफल रहा जिसकी वजह से यह हमला हुआ। उन्होंने कहा कि वे ड्रोन के घुसपैठ की जांच कर रहे हैं।
हिजबुल्लाह ने इजराइल पर हमले किए तेज
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक शनिवार सुबह से ही लेबनान की तरफ से इजराइल के तिबेरियास और आस-पास के इलाकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और रॉकेट हमले हो रहे हैं। कई रॉकेट गैलिसी सागर में गिरते देखे गए, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। तेल अवीव और शहर के उत्तरी इलाकों में भी ड्रोन हमले की चेतावनी वाले सायरन सुनाई दिए।इजराइली हमले में हमास चीफ याह्या सिनवार की मौत के बाद पहली बार ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का बयान आया है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक उन्होंने कहा है कि याह्या सिनवार की मौत के बाद भी हमास खत्म नहीं हुआ है।
खामेनेई ने सोशल मीडिया अकाउंट परसिनवार की मौत से जुड़ी तस्वीर पोस्ट की
खामेनेई के सोशल मीडिया अकाउंट पर शनिवार को सिनवार की मौत से जुड़े कई पोस्ट किए गए। इसमें लिखा है- सिनवार अपने शहीद दोस्तों के पास चले गए हैं। उनका जाना हमारे लिए दर्दनाक है। लेकिन जैसे अहमद यासीन, अब्देल अजीज रंतीसी, इस्माइल हानियेह की शहादत के बाद भी हमास अपने काम में लगा रहा, सिनवार की मौत के बाद भी यह नहीं रुकेगा। खामेनेई ने कहा कि ईरान हमेशा की तरह फिलिस्तीनी मुजाहिदीन और लड़ाकों के साथ रहेगा।इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने शुक्रवार को सिनवार को शहीद बताया था। अरघची ने सोशल मीडिया पर कहा था कि सिनवार ने अपनी जमीन के लिए लड़ते हुए जान दी है। उसे कभी भी मौत का डर नहीं हुआ। वह अंत तक बहादुरी से लड़ा और शहीद हुआ। आखिरी पलों में भी उसने बहादुरी दिखाई।














