उमाकांत त्रिपाठी।झारखंड में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रखते हुए पीएम मोदी ने गुमला में रैली की. इस दौरान उन्होंने झामुमो और कांग्रेस पर तीखा हमला किया. पीएम मोदी ने कहा कि- JMM ने झारखंड को हमेशा पिछड़ा रखा. कांग्रेस आदिवासियों को उच्च पदों पर बर्दाश्त नहीं कर सकती. वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पूर्व सीएम चंपाई सोरेन का अपमान करती है. कांग्रेस का ‘शाही परिवार’ ओबीसी-एसटी-एससी एकता को तोड़ने पर तुला हुआ है, आरक्षण छीनना चाहता है.
गुमला में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
गुमला में पीएम मोदी ने कहा कि- केंद्र की भाजपा सरकार देशभर में 7,000 आदिवासी गांवों के विकास के लिए 80,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी. भाजपा-NDA की सरकार सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र पर चल रही है. इसी रास्ते पर चलकर झारखंड विकसित होगा, भारत विकसित होगा. आने वाले 5 साल में हमें आगामी 25 साल की नींव मजबूत करनी है.पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के इरादे कुछ अलग ही हैं. कांग्रेस जानती है कि आदिवासी, ओबीसी, दलित बाहुल्य वाले राज्यों में वो इसलिए खत्म हो गई, क्योंकि वहां ये समाज एकजुट हो गया. इसलिए कांग्रेस का शाही परिवार हमारे एससी-एसटी और OBC समाज की एकता को तोड़ना चाहता है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर बोले-पीएम मोदी
गुमला में पीएम मोदी ने कहा कि- राजनीति में आने से पहले मेरे जीवन का एक बड़ा हिस्सा आदिवासियों के बीच बीता. मैं उनकी प्रतिभा, परिश्रम, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का मुरीद था. यही वजह है कि बीजेपी सरकार में आदिवासी मंत्रियों की संख्या बहुत है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ कैसा व्यवहार किया. उन्हें जीतने न देने की पूरी कोशिश की. कांग्रेस आदिवासियों को सफल पदों पर नहीं देख सकती. चंपई सोरेन के साथ जो हुआ, वह इसका उदाहरण है. जेएमएम-कांग्रेस ने झारखंड को पिछड़ा बनाए रखा. बीजेपी ने झारखंड को बड़ी योजनाओं का केंद्र बनाया, पहले दिल्ली से योजनाएं शुरू होती थीं, अब कई योजनाएं झारखंड से शुरू हुई हैं.
पीएम मोदी ने कांग्रेस और जेएमएम के इरादों को बताया अलग
पीएम मोदी ने कहा कि- बीजेपी एनडीए ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करती है. लेकिन जेएमएम-कांग्रेस के इरादे अलग हैं. कांग्रेस जानती है कि आदिवासी, ओबीसी और दलित बहुल इलाकों में उसका सफाया इसलिए हुआ क्योंकि ये समुदाय एकजुट हो गए. यहां की सभी जातियों की आवाज में तभी ताकत होगी, जब वे अनुसूचित जनजाति के रूप में एकजुट रहेंगे. कांग्रेस चाहती है कि वे सभी अंदर ही अंदर लड़ें और कमजोर हो जाएं. पीएम मोदी ने कहा कि ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे.















