उमाकांत त्रिपाठी। चंद्रशेखर आजाद, जो उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख हैं, पर पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है और चंद्रशेखर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
रोहिणी ने लगाए थे ये आरोप
चंद्रशेखर आजाद और रोहिणी घावरी का विवाद एक हाई-प्रोफाइल मामला है। रोहिणी घावरी ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर आजाद ने उनसे शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाए और उनका मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न किया। रोहिणी का कहना है कि दोनों 2020 में स्विट्जरलैंड में मिले थे, जहां वह पीएचडी कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने खुद को अविवाहित बताकर उनके साथ संबंध बनाए और बाद में उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
महिला आयोग से की शिकायत
रोहिणी ने अपनी शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली पुलिस को भी भेजी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रोहिणी ने प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है और कहा है कि यह लड़ाई लाखों-करोड़ों महिलाओं के आत्मसम्मान की है
क्या बोले थे चंद्रशेखर
चंद्रशेखर आजाद ने अभी तक इस मामले पर खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने कहा है कि वह कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने रोहिणी के आरोपों को व्यक्तिगत मामला बताया है और कहा है कि वह महिला की गरिमा का ध्यान रखते हुए अपनी बात कोर्ट के सामने रखेंगे।
महिला आयोग ने लिया था एक्शन
रोहिणी घावरी ने राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आयोग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। आयोग चंद्रशेखर आजाद से जवाब मांग सकता है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दे सकता है।














