बिहार

बिहार के दलितों में पीएम मोदी सबसे ज्यादा लोकप्रिय, जानिए कितनी है राहुल गांधी की पॉपुलैरिटी

उमााकांत त्रिपाठी।नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स (NACDOAR) और द कन्वर्जेंट मीडिया (TCM) का यह सर्वे बिहार के दलित समुदाय पर किया गया है. 10 जून से 4 जुलाई 2025 तक 25 दिनों में 49 विधानसभा सीटों पर बिहार को कोसी, मिथिलांचल, सीमांचल, भोजपुर, चंपारण और मगध-पाटलिपुत्र में बांटकर यह सर्वे किया गया है. खास बात यह है कि इस सर्वे को करने वाले 98 दलित कार्यकर्ताओं ही थे. इस सर्वे में बिहार की 23 दलित जातियों, खासकर दुसाध (31%), रविदास/चर्मकार (30.72%) और मुसहर (17.08%) को शामिल किया गया. सर्वे के नतीजों ने बिहार की सियासत को नये नजरिये से देखने की ओर संकेत किया है. दलित मतदाताओं में नरेंद्र मोदी 47.51% समर्थन के साथ लोकप्रियता में बहुत आगे हैं. हालांकि, राहुल गांधी का का कद भी ऊंचा हुआ है और उनको 40.30% दलितों का समर्थन मिलता दिख रहा है.

वहीं, दिवंगत रामविलास पासवान को 52.35% दलितों ने सबसे बड़ा दलित नेता चुना है. खासकर दुसाध (65.37%) और अन्य छोटी जातियों (68.36%) रामविलास पासवान को अपना सबसे बड़ा नेता माना है. रविदास/चर्मकार समुदाय ने बाबू जगजीवन राम (47.87%) को प्राथमिकता दी. यह नतीजा पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की दलितों में गहरी पैठ को दर्शाता है. उनके बेटे चिराग पासवान भी 25.88% समर्थन के साथ दलितों में दूसरे सबसे पसंदीदा नेता बने हैं. जबकि सर्वे के अनुसार, तेजस्वी यादव ने 28.83% समर्थन के साथ नीतीश कुमार (22.80%) को पछाड़कर दलितों में सबसे पसंदीदा सीएम उम्मीदवार का स्थान हासिल किया है. नीतीश की महादलित पहल ने कभी उन्हें दलितों का मसीहा बनाया था, लेकिन सर्वे के अनुसार लगता है कि अब कमजोर पड़ती दिख रही है. खासकर दुसाध (18.79%) और अन्य महादलित जातियों में उनका समर्थन 20-33% तक सिमट गया.

तेजस्वी यादव की मुहिम भी रंग ला रही है
तेजस्वी यादव की बेरोजगारी और सामाजिक न्याय पर जोरदार मुहिम ने दलित युवाओं को प्रभावित किया है. सर्वे में महागठबंधन को 46.13% और एनडीए को 31.93% समर्थन मिला. कोसी (72.33%) और भोजपुर (53.75%) में महागठबंधन की मजबूत स्थिति है, जबकि सीमांचल में एनडीए (42.57%) आगे है. 2020 के मुकाबले महागठबंधन का वोट शेयर 0.19% बढ़ा, जबकि एनडीए का 4.6% घटा. रविदास/चर्मकार (52.31%) और अन्य छोटी जातियां महागठबंधन का आधार हैं, जबकि दुसाध और मेहतर/वाल्मीकि में एनडीए को समर्थन है. कोसी (80.51%) और भोजपुर (61.42%) में बेरोजगारी 58.85% दलितों का सबसे बड़ा मुद्दा बनी. शिक्षा-स्वास्थ्य (14.67%) और भ्रष्टाचार (11.21%) भी प्रमुख चिंताएं हैं.

Related Posts

पीएम मोदी के बचपन पर बनी फिल्म देखेगी बिहार की जनता, बीजेपी ने तैयार किया खास प्लान

उमाकांत त्रिपाठी।बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। सभी…

बिछ गई बिहार चुनाव की बिसात, पीएम मोदी की तरह अमित शाह भी करेंगे दो दौरे, जानें शेड्यूल

उमाकांत त्रिपाठी।Bihar Election: पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह केंद्रीय…

भाजपा के खिलाफ एक मंच पर नज़र आये विपक्षी नेता, नीतीश कुमार ने एकजुट होने की कही बात

भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी देवी लाल के 109वें जन्मदिन के…

1 of 22

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *