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गर्लफ्रेंड को चीटिंग करवाकर बनाया अधिकारी, धोखा मिला तो MPSC को बता दी पेपर लीक घोटाले की पूरी कहानी

खबर इंडिया की।महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में सामने आया कथित MPSC Paper Leak मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। इस मामले में पेपर लीक, करोड़ों की सरकारी नौकरी की उम्मीद, प्रेम संबंध, ब्रेकअप और उसके बाद सामने आई शिकायत ने पूरे भर्ती सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 22 मार्च 2026 को आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में कथित तौर पर लीक हुए सवालों का इस्तेमाल एक अभ्यर्थी ने किया और बाद में वह प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में 7वीं रैंक पर पहुंच गई। जांच आगे बढ़ी तो MPSC के अधिकारियों से लेकर कोचिंग क्लास और अभ्यर्थी के परिवार तक की कड़ियां सामने आने लगीं।

पुलिस जांच के अनुसार, परीक्षा से पहले कुल 294 सवालों का एक गोपनीय सेट कथित तौर पर लीक हुआ था। इनमें से 77 सवाल वास्तविक परीक्षा में उसी रूप में सामने आए। जांचकर्ताओं का दावा है कि यही सवाल परीक्षा से पहले ऋतुजा पाटील तक पहुंचे थे।

गर्लफ्रेंड को मिला पेपर, बॉयफ्रेंड तक भी पहुंचा

इस MPSC Paper Leak मामले की सबसे चौंकाने वाली कड़ी गौरव पाटील और ऋतुजा पाटील के रिश्ते से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक ऋतुजा को कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र मिला था और उसने इसे अपने बॉयफ्रेंड गौरव के साथ भी साझा किया। गौरव का भाई भी इसी परीक्षा में शामिल होने वाला था, लेकिन पुलिस के मुताबिक उसने अपने भाई को पेपर नहीं दिया।

रिपोर्टों के मुताबिक ऋतुजा ने परीक्षा से दो दिन पहले, यानी 20 मार्च को गौरव को कथित तौर पर प्रश्नपत्र भेजा था। इसके बाद 22 मार्च को परीक्षा आयोजित हुई। जांच में यह भी सामने आया कि लीक हुए 294 सवालों में से 77 वास्तविक पेपर में आए थे। ऋतुजा ने कथित तौर पर इन सवालों का पहले से अभ्यास किया था और परीक्षा में कुल 91 सवाल सही किए। इसी प्रदर्शन के आधार पर वह प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में 7वें स्थान पर पहुंची।

7वीं रैंक के बाद बदला रिश्ते का समीकरण

परीक्षा के बाद कहानी ने अचानक नया मोड़ ले लिया। ऋतुजा और गौरव के रिश्ते में कथित तौर पर तनाव बढ़ गया और बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद गौरव ने MPSC को ईमेल भेजकर परीक्षा में कथित पेपर लीक की जानकारी दी।

यही शिकायत बाद में पूरे मामले की जांच का अहम आधार बनी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर गौरव खुद भी पुलिस की नजर में आ गया। पुलिस का आरोप है कि वह केवल शिकायतकर्ता नहीं था, बल्कि उसके पास भी लीक हुए सवाल पहुंचे थे। इसी वजह से उसे भी मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया।

यानी जिस व्यक्ति की शिकायत से कथित घोटाले का पर्दाफाश हुआ, वही बाद में जांच के दायरे में आकर आरोपी बन गया। पुलिस का कहना है कि अगर गौरव को पेपर लीक की जानकारी परीक्षा से पहले थी तो उसने उसी समय इसकी सूचना क्यों नहीं दी, यह भी जांच का महत्वपूर्ण सवाल है।

MPSC के अंदर से कोचिंग क्लास तक पहुंचा कथित पेपर

जांच में केवल प्रेम संबंध ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर एक पूरा नेटवर्क सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस के मुताबिक MPSC के एक अधिकारी के पास विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्नों का मेटा सेट था। आरोप है कि इसी सेट से लगभग 300 सवाल टाइप कर प्रिंट किए गए और फिर यह गोपनीय सामग्री आयोग से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंची।

जांचकर्ताओं के मुताबिक इसके बाद प्रश्नों का सेट एक बिचौलिए और कोचिंग क्लास संचालक तक पहुंचा। फिर कथित तौर पर इसे ऋतुजा के पिता अमृत पाटील तक पहुंचाया गया और वहां से ऋतुजा को मिला।

रिपोर्टों में इस कथित लेन-देन को लेकर अलग-अलग रकम का उल्लेख सामने आया है। पुलिस जांच में 5 लाख रुपये की कथित मांग और भुगतान की बात सामने आई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में पेपर के लिए इससे अधिक रकम से जुड़े दावे भी किए गए हैं। इसलिए इस रकम को फिलहाल जांच में सामने आए आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

शक से बचने के लिए 10 सवाल गलत करने की सलाह?

जांच में सामने आई सबसे हैरान करने वाली बातों में से एक यह भी है कि ऋतुजा को कथित तौर पर सभी सवाल सही नहीं करने की सलाह दी गई थी। पुलिस के मुताबिक उसे करीब 10 सवाल जानबूझकर गलत करने को कहा गया था, ताकि उसका प्रदर्शन असामान्य न लगे और किसी को पेपर पहले से मिलने का शक न हो।

जांचकर्ताओं के मुताबिक 294 लीक सवालों में से 77 वास्तविक परीक्षा में आए। ऋतुजा ने कथित तौर पर इनमें से अधिकांश सवालों का सही जवाब दिया और कुछ अतिरिक्त सवाल भी सही किए। कुल मिलाकर उसके 91 उत्तर सही बताए गए हैं और इसी प्रदर्शन के बाद उसने 7वीं रैंक हासिल की।

छह आरोपी गिरफ्तार, ऋतुजा की तलाश

मामले की जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें MPSC से जुड़े तीन अधिकारी, एक कोचिंग क्लास संचालक, एक अन्य आरोपी और गौरव पाटील शामिल हैं। ऋतुजा पाटील को भी मामले में आरोपी बनाया गया है, लेकिन हालिया रिपोर्टों के अनुसार वह अभी फरार है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र सिर्फ एक अभ्यर्थी तक पहुंचा था या इसका इस्तेमाल अन्य उम्मीदवारों ने भी किया। खास तौर पर 120 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की जांच किए जाने की बात भी सामने आई है।

MPSC ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की रद्द

मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला लिया है। यह परीक्षा 22 मार्च 2026 को आयोजित हुई थी। आयोग अब इस भर्ती के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा।

इस फैसले से उन हजारों उम्मीदवारों पर भी असर पड़ा है जिन्होंने परीक्षा के लिए मेहनत की थी। हालांकि आयोग का कहना है कि नई परीक्षा पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कराई जाएगी।

फिलहाल MPSC Paper Leak मामले की जांच जारी है। पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल हैं कि गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच कैसे बनी, कथित तौर पर कितने लोगों तक यह सामग्री पहुंची, इसमें कितने पैसे का लेन-देन हुआ और क्या अन्य उम्मीदवारों ने भी इसका लाभ उठाया। इस मामले में सामने आ रहे नए खुलासे महाराष्ट्र की प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था और उसकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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