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अनुतिन बने थाईलैंड के नए प्रधानमंत्री, पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- और मजबूत करेंगे साझेदारी

उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अनुतिन चर्नविराकुल को थाईलैंड का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों नेता मिलकर भारत और बैंकॉक के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि- भारत और थाईलैंड के रिश्ते साझा सभ्यता और संस्कृति पर आधारित हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच बहुत पुराने और गहरे संबंध हैं। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देश शांति, प्रगति और समृद्धि के साझा लक्ष्यों के लिए एकजुट हैं।

थाईलैंड के निचले सदन ने गुरुवार को अनुतिन चर्नविराकुल को देश का नया प्रधानमंत्री चुना। उन्हें कुल 293 वोट मिले। 59 साल के अनुतिन को 8 फरवरी के आम चुनाव के बाद संसदीय मतदान में चुना गया है। उनके प्रतिद्वंद्वी नत्थाफोंग रुआंगपान्यवुत को सिर्फ 119 वोट मिले। मतदान के दौरान 86 सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया। अनुतिन की पार्टी ‘भूमजईथाई’ ने 500 सीटों वाले सदन में 191 सीटें जीती थीं। उन्होंने पीपुल्स पार्टी को पीछे छोड़ दिया, जिसे 120 सीटें मिली थीं। इसके बाद अनुतिन ने 16 पार्टियों का एक गठबंधन बनाया। इसमें फेउ थाई पार्टी भी शामिल है। इस गठबंधन के पास कुल 292 सीटें हैं।

 

अनुतिन पिछले दो दशकों में दोबारा सत्ता में लौटने वाले पहले थाई प्रधानमंत्री बने हैं। हालांकि, उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं। उन्हें साल 2022 में भांग (कैनबिस) को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए जाना जाता है। अगस्त 2025 में पैतोंगतार्न शिनावात्रा को पद से हटा दिया गया था। कंबोडियाई नेता हुन सेन के साथ उनकी फोन कॉल लीक होने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। इसके बाद अनुतिन ने अल्पसंख्यक सरकार का नेतृत्व किया था।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद भी एक बड़ी समस्या है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम के बाद फिर से लड़ाई शुरू हो गई थी। इस संघर्ष ने अनुतिन को अपनी राष्ट्रवादी छवि मजबूत करने और बहुमत हासिल करने का मौका दिया। अनुतिन के पिता चवरत चर्नविराकुल ने एक बड़ी निर्माण कंपनी ‘सिनो-थाई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन’ की स्थापना की थी। अनुतिन ने साल 2004 में अरबपति थाक्सिन शिनावात्रा के प्रशासन से राजनीति में कदम रखा था। साल 2007 में कोर्ट ने थाक्सिन की पार्टी को भंग कर दिया था। इसके बाद अनुतिन पर भी पांच साल के लिए राजनीति से प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद वे साल 2012 में भूमजईथाई पार्टी के नेता के रूप में राजनीति में वापस लौटे।

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