उमाकांत त्रिपाठी। 13 सितंबर 2013… भारतीय राजनीति की वो तारीख, जब बीजेपी संसदीय बोर्ड ने नरेंद्र मोदी को 2014 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। उस समय बीजेपी की पकड़ देश के कुछ गिने-चुने राज्यों तक सीमित थी। कई राज्यों में पार्टी का संगठन कमजोर था और कुछ जगहों पर तो बीजेपी का कोई राजनीतिक अस्तित्व तक नहीं माना जाता था। लेकिन 2026 आते-आते तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
आज देश के 31 में से 22 राज्यों में बीजेपी या एनडीए गठबंधन की सरकार है। इनमें 17 राज्यों में खुद बीजेपी के मुख्यमंत्री सत्ता संभाल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रहा है।
बीजेपी ने मोदी के नेतृत्व में उन राज्यों में भी अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की, जहां कभी पार्टी का नाम तक नहीं चलता था। हिंदी पट्टी के अलावा पूर्वोत्तर, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बीजेपी ने बड़ी छलांग लगाई। ओडिशा में जहां बीजेपी ने पहली बार सत्ता हासिल की, वहीं पश्चिम बंगाल में भी पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
अगर विधानसभा सीटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी की ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है। सितंबर 2013 तक देशभर में बीजेपी विधायकों की संख्या सिर्फ 773 थी। लेकिन मई 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 1798 के पार पहुंच गया।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी 47 सीटों से बढ़कर 257 तक पहुंच गई। ओडिशा में 6 से 79 सीटें हो गईं। पश्चिम बंगाल में जहां कभी बीजेपी का खाता भी मुश्किल से खुलता था, वहां पार्टी का आंकड़ा 199 तक पहुंच गया। असम में 5 से 82, त्रिपुरा में 0 से 32 और मणिपुर में 0 से 36 सीटें बीजेपी के विस्तार की कहानी बयां करती हैं।
दक्षिण भारत में भी बीजेपी लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। केरल में अब बीजेपी के 3 विधायक हैं, जबकि तमिलनाडु में पार्टी ने 2 सीटों तक पहुंच बनाई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भी बीजेपी ने अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाई है।
बीजेपी और एनडीए की सरकारें आज उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, असम, ओडिशा, गोवा, हरियाणा, उत्तराखंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में सत्ता में हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं बल्कि बीजेपी के संगठन विस्तार और मोदी की लोकप्रियता का असर है।
इन आंकड़ों से साफ है कि नरेंद्र मोदी ने सिर्फ केंद्र की सत्ता तक बीजेपी को सीमित नहीं रखा, बल्कि राज्यों में भी पार्टी को मजबूत राजनीतिक ताकत बना दिया। यही वजह है कि आज देश के बड़े हिस्से में बीजेपी और एनडीए का राजनीतिक दबदबा दिखाई देता है।















