खबर इंडिया की। महाराष्ट्र के बीड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक युवती पर आरोप है कि उसने एक-दो नहीं बल्कि नौ बार शादी की… और हर बार कुछ दिनों बाद अपने ससुराल से फरार हो गई। हर शादी के साथ नई पहचान, नया परिवार और नई कहानी जुड़ती गई, लेकिन अंत हर बार एक जैसा रहा—दुल्हन गायब और दूल्हा ठगी का शिकार।
ताजा मामला बीड़ जिले की गेवराई तहसील के उमापुर गांव का है। यहां रहने वाले योगेश शिंदे नाम के युवक की शादी कुछ एजेंटों के जरिए एक युवती से कराई गई थी। योगेश को बताया गया कि लड़की गरीब परिवार से है और शादी के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है। इसी भरोसे के साथ योगेश और उसके परिवार से लाखों रुपये लिए गए।
शादी पूरी रस्मों और रीति-रिवाजों के साथ हुई। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा। परिवार खुश था कि आखिरकार योगेश की शादी हो गई। लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन अचानक गायब हो गई। पहले परिवार को लगा कि शायद किसी वजह से कहीं गई होगी, लेकिन जब घंटों बाद भी उसका कोई पता नहीं चला, तब शक गहराया।
योगेश ने जब एजेंटों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके फोन बंद मिले। इसके बाद उसने खुद जांच शुरू की। धीरे-धीरे जो सच सामने आया, उसने पूरे गांव को चौंका दिया। पता चला कि जिस युवती से उसकी शादी हुई थी, वह इससे पहले आठ और शादियां कर चुकी थी।
बताया जा रहा है कि हर बार युवती अलग नाम और नई पहचान के साथ सामने आती थी। एजेंट गांव-गांव जाकर ऐसे युवकों की तलाश करते थे, जिनकी शादी किसी वजह से नहीं हो पा रही थी। फिर उन्हें लड़की दिखाकर शादी का भरोसा दिया जाता। लड़की के गरीब परिवार की कहानी सुनाकर पैसे मांगे जाते और शादी तय करा दी जाती।
शादी के बाद युवती कुछ दिन ससुराल में रहती, परिवार का भरोसा जीतती और फिर मौका मिलते ही पैसे, जेवर और जरूरी सामान लेकर गायब हो जाती। इसके बाद एजेंट भी संपर्क तोड़ देते थे। इसी तरीके से यह सिलसिला लगातार चलता रहा और कई लोग इस गिरोह के जाल में फंसते गए।
योगेश शिंदे ने अब इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उसका कहना है कि उसे पूरी तरह अंधेरे में रखकर इस शादी के लिए तैयार किया गया था। शादी के बाद जो हुआ, उसने उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। योगेश के मुताबिक, वह मानसिक रूप से काफी परेशान है और उसे न्याय चाहिए।
पुलिस जांच में अब एजेंटों की भूमिका भी सामने आ रही है। माना जा रहा है कि यह कोई अकेली महिला का खेल नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो शादी के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और स्थानीय संपर्कों की जांच कर रही है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस गिरोह ने ग्रामीण इलाकों को अपना टारगेट बनाया। जहां शादी के रिश्तों की कमी होती है या परिवार लंबे समय से बेटे की शादी कराने की कोशिश कर रहे होते हैं, वहां एजेंट आसानी से भरोसा जीत लेते थे। लोगों की मजबूरी और भावनाओं का फायदा उठाकर लाखों रुपये ऐंठे जाते थे।
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में डर और हैरानी का माहौल है। गांवों में अब लोग शादी के रिश्तों को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। कई लोग कह रहे हैं कि अब बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी रिश्ते पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। सवाल यह भी है कि आखिर कितने लोग इस शादी वाले जाल में फंस चुके हैं… और कब तक ऐसे गिरोह लोगों की भावनाओं के साथ खेलते रहेंगे?















