उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस चुनाव में दोहरा झटका लगा। पहला झटका भारतीय जनता पार्टी के हाथों भारी सीटों के अंतर से हार और दूसरा सबसे बड़ा झटका उनके अपने गढ़ भवानीपुर में मिली शिकस्त।
भवानीपुर वही सीट मानी जाती रही है, जिसे ममता बनर्जी का सबसे मजबूत किला कहा जाता था। लेकिन इस बार भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने यहां जीत हासिल कर पूरी राजनीति का समीकरण बदल दिया। खास बात यह रही कि शुभेंदु अधिकारी वही नेता हैं, जो कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते थे। अब भाजपा की जीत के बाद उनका नाम मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदारों में लिया जा रहा है।
चुनाव के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर भाजपा ने भवानीपुर जैसी मजबूत सीट पर जीत की रणनीति कैसे तैयार की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद इस सीट पर खास फोकस किया था।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में शुभेंदु अधिकारी सिर्फ नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन अमित शाह ने उन्हें भवानीपुर से भी मैदान में उतरने के लिए तैयार किया। खुद अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से कहा था— “सिर्फ नंदीग्राम नहीं, ममता के घर में जाकर हराना है।”
यहीं से भवानीपुर को लेकर भाजपा की खास रणनीति शुरू हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित Shah ने भवानीपुर के लिए अलग टीम बनाई थी। कोलकाता में रहने के दौरान उन्होंने लगातार कई बैठकें कीं और हर बूथ पर बूथ स्तर के प्रभारी तैनात किए गए।
इन टीमों को दो अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं। पहली— भाजपा के अंदर किसी भी तरह की नाराजगी या गुटबाजी की जानकारी जुटाना और दूसरी— जमीन पर तृणमूल कांग्रेस की गतिविधियों और कथित दबाव की निगरानी करना।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का पूरा फोकस इस बात पर था कि पार्टी समर्थक सुबह जल्दी वोट डाल दें और बाद में ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचाया जाए। इसके लिए दूसरे राज्यों से भी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बुलाया गया था।
भवानीपुर सीट को “मिनी इंडिया” भी कहा जाता है। यहां बड़ी संख्या में गुजराती और मारवाड़ी मतदाता रहते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित शाह ने इन समुदायों के लोगों से अलग-अलग मुलाकात की और उनकी राय जानी।
बताया जाता है कि कई लोगों ने शिकायत की थी कि पिछले चुनावों में उन्हें खुलकर मतदान नहीं करने दिया गया था। इसके बाद भाजपा ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और बूथ मैनेजमेंट पर खास ध्यान दिया।
इस चुनाव में भाजपा को बड़ा फायदा मिला। राज्य की 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा की सीटें बढ़कर 207 तक पहुंच गईं। वहीं भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया।
इसी बीच अमित शाह का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो साल 2014 का बताया जा रहा है, जब उन्होंने कोलकाता की एक रैली में कहा था— “मैं अमित शाह हूं… इस बंगाल की भूमि से तृणमूल को उखाड़ने आया हूं।”
अब चुनावी नतीजों के बाद भाजपा समर्थक इस बयान को शाह के पुराने वादे से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल बंगाल की राजनीति में यह जीत सिर्फ एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि आने वाले समय के बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत मानी जा रही है।















