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उत्तराखंड को फिर मिलेगी खुशियों की सौगात, पीएम मोदी वाइब्रेंट विलेज में बिताएंगे रात!

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द उत्तराखंड के टिहरी दौरे पर आ सकते हैं। यहां वे टीएचडीसी की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और टीएचडीसी ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मई के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी पहुंच सकते हैं। इस परियोजना के शुरू होने के बाद टीएचडीसी कॉम्प्लेक्स की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट हो जाएगी। इसके साथ ही टिहरी बांध परियोजना एशिया की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज जल विद्युत परियोजना बन जाएगी।

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान कोटी कॉलोनी क्षेत्र में बड़ी जनसभा आयोजित होने की संभावना है। प्रशासन कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।
टिहरी बांध पहले से ही देश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं में शामिल है। वर्तमान में टिहरी बांध परियोजना से 1000 मेगावाट और कोटेश्वर बांध परियोजना से 400 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। अब नई 1000 मेगावाट पीएसपी परियोजना जुड़ने से उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

इस परियोजना की 250-250 मेगावाट की तीन यूनिटों का संचालन पहले ही शुरू किया जा चुका है। इससे बिजली आपूर्ति और ग्रिड संतुलन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इससे पहले 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान ही इस परियोजना का लोकार्पण प्रस्तावित था, लेकिन बाद में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। अब दोबारा प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारी की जा रही है।

टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने भी प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के संकेत दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री को टिहरी आने का निमंत्रण दिया। इस दौरान क्षेत्रीय विकास योजनाओं और बांध प्रभावितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री का दौरा तय होता है तो यह टिहरी के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा। हालांकि टीएचडीसी और जिला प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पंप स्टोरेज प्लांट आधुनिक तकनीक पर आधारित परियोजना होती है। इसमें अतिरिक्त बिजली का उपयोग कर पानी को ऊंचाई वाले जलाशय में भेजा जाता है। जरूरत के समय इसी पानी से बिजली उत्पादन किया जाता है। इससे पीक डिमांड के दौरान बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टिहरी के किसी पहाड़ी गांव में रात्रि विश्राम भी कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इससे सीमांत क्षेत्रों और पहाड़ी गांवों को नई पहचान मिलने की संभावना है। प्रशासन संभावित गांवों का चयन करने में जुटा हुआ है।

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