खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां कक्षा 8 में पढ़ने वाली छात्रा क्षमा दीक्षित की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 20 अगस्त को स्कूल में एक शिक्षक ने छात्रा के साथ मारपीट की और उसका हाथ बुरी तरह मरोड़ दिया था। इसके बाद छात्रा की हालत लगातार बिगड़ती गई। उसे इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले जाया गया, जहां 30 अगस्त को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं, पुलिस ने छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पेपर को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में परीक्षा के दौरान क्षमा के पास बैठी एक छात्रा ने कथित तौर पर उसकी कॉपी खींचने की कोशिश की। क्षमा ने इसका विरोध किया और मामले की शिकायत शिक्षक से की। आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय शिक्षक ने छात्रा को ही डांट दिया।
परिजनों और वायरल हो रहे वीडियो में छात्रा द्वारा बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, इसी दौरान शिक्षक ने उसका हाथ पकड़कर मरोड़ दिया। छात्रा का आरोप था कि इससे उसकी बांह में गंभीर चोट आई।
घटना के बाद छात्रा की हालत खराब होने लगी। घर पहुंचने पर उसने परिजनों को पूरी घटना बताई। पिता उमेश दीक्षित के मुताबिक, बेटी की बांह बुरी तरह ऐंठी हुई थी और वह काफी दर्द में थी।
इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले गए परिजन
बेटी की हालत देखकर परिवार ने उसका इलाज कराने का फैसला किया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद परिजनों ने कर्ज लेकर छात्रा को फर्रुखाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार 30 अगस्त को उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पिता ने पुलिस से आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
छात्रा का वीडियो हुआ वायरल
क्षमा की मौत से पहले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्रा ने कथित तौर पर स्कूल में हुई घटना के बारे में बताया था।
वीडियो में छात्रा के मुताबिक, परीक्षा के दौरान पास बैठी छात्रा द्वारा उसकी कॉपी खींचे जाने का उसने विरोध किया था। इसके बाद उसने शिक्षक से शिकायत की। आरोप है कि शिक्षक ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे डांट दिया और हाथ मरोड़ दिया।
हालांकि, वायरल वीडियो और परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
दो शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हुआ। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की।
इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक अक्षत और सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार को निलंबित कर दिया। विभागीय स्तर पर मामले की जांच की जा रही है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से छात्रा की मौत के कारणों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार छात्रा के शव का फर्रुखाबाद में पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई करेगी।
फिलहाल इस मामले में छात्रा के परिजनों के आरोप, वायरल वीडियो और विभागीय कार्रवाई प्रमुख बिंदु हैं। छात्रा की मौत के बाद परिवार आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।














