कानपुर में Kanpur Businessman Murder मामले ने पुलिस के साथ-साथ कारोबारी जगत और इलाके के लोगों को भी हैरान कर दिया है। शहर के पॉश कल्याणपुर इलाके में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की उनके ही फ्लैट में बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआत में मामला लूट या किसी बाहरी हमलावर से जुड़ा हुआ लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह बदल गई।
कानपुर के करोड़पति दवा व्यापारी विनीत मिनोचा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. ससुर की हत्या की मास्टरमाइंड बहु शालू ही निकली, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. खर्चों पर रोक-टोक से नाराज बहू ने 6 लाख रुपये की सुपारी देकर पुराने नौकर विशाल और उसके साथी से कत्ल की… pic.twitter.com/yZcLMUkG8b
— AajTak (@aajtak) September 7, 2026
पुलिस के मुताबिक, 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के पीछे उनकी 36 वर्षीय बहू शालू का हाथ सामने आया है। आरोप है कि शालू ने अपने ससुर की हत्या के लिए घर में लंबे समय से आने-जाने वाले नौकर विशाल को कथित तौर पर 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी नौकर के बयान के बाद बहू को गिरफ्तार किया गया।
रात 11:28 बजे हुई कारोबारी की हत्या
यह Kanpur Businessman Murder शनिवार, 5 सितंबर की रात कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर C-104 में हुआ। वारदात के समय विनीत मिनोचा घर में अकेले थे। उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और उनका बच्चा पार्टी के लिए बाहर गए हुए थे।
पुलिस के अनुसार, रात करीब 11:28 बजे विनीत की हत्या की गई। इसके बाद आरोपी फ्लैट से बाहर निकल गए। रविवार तड़के करीब 3 बजे जब बेटा-बहू वापस लौटे तो बेडरूम में विनीत का शव खून से लथपथ हालत में मिला।
परिवार ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कमरे में खून फैला हुआ था। शुरुआती तौर पर मामला हत्या का ही लग रहा था, क्योंकि शव पर चाकू के कई वार के निशान थे।
CCTV ने खोला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस ने अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें दो संदिग्ध युवक अपार्टमेंट में दाखिल होते और बाद में बाहर निकलते दिखाई दिए। इनकी पहचान विशाल गौतम और उसके साथी राज किशोर के रूप में हुई।
पुलिस ने दोनों को रविवार रात करीब 8:15 बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान विशाल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने बहू शालू के कहने पर कारोबारी की हत्या की थी।
आरोपी के इस बयान के बाद पुलिस का शक परिवार के अंदर ही केंद्रित हो गया। इसके बाद शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में वह मामले को लेकर पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन पूछताछ के बाद उसने कथित तौर पर हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की।
गार्ड ने बताया- शालू ने दोनों को अंदर आने दिया था
पुलिस की जांच में अपार्टमेंट के सिक्योरिटी इंचार्ज का बयान भी अहम माना जा रहा है। गार्ड मदन के मुताबिक, हत्या वाली रात विशाल अपने साथी राज किशोर के साथ अपार्टमेंट पहुंचा था।
दोनों ने फ्लैट नंबर C-104 में जाने की अनुमति मांगी। गार्ड ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों ने शालू से फोन पर बात कराई। गार्ड के अनुसार, शालू ने फोन पर कहा था कि दोनों को अंदर आने दिया जाए, क्योंकि वे दवाएं लेकर आए हैं।
इसके कुछ समय बाद शालू अपने पति सुब्रत और बच्चे के साथ अपार्टमेंट से बाहर चली गई। इस दौरान फ्लैट में विनीत मिनोचा अकेले रह गए।
पुलिस अब इस बयान को हत्या की साजिश से जोड़कर देख रही है। जांच एजेंसियों के लिए यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि जिन दोनों युवकों को CCTV में फ्लैट की ओर जाते देखा गया, उन्हें कथित तौर पर शालू की अनुमति के बाद ही अंदर प्रवेश मिला था।
28 जुलाई को ससुर से हुआ था विवाद
पूछताछ में शालू ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि 28 जुलाई को वह एक पार्टी में गई थी और देर रात वापस लौटी थी। इसी बात को लेकर उसके ससुर विनीत से विवाद हुआ था।
आरोप है कि विनीत बहू के देर रात तक पार्टी करने और बाहर घूमने को पसंद नहीं करते थे। शालू के मुताबिक, इसी विवाद के बाद उसने ससुर की हत्या कराने का मन बनाया।
पुलिस के अनुसार, जन्माष्टमी यानी 4 सितंबर को भी विशाल को सामान देने के बहाने घर बुलाया गया था। इसी दौरान हत्या की योजना को अंतिम रूप देने की बात सामने आई है।
बताया गया कि शालू ने विशाल को जानकारी दी थी कि वह शनिवार को अपने पति और बच्चे के साथ यशोदा नगर में पार्टी के लिए जाएगी। इसी दौरान हत्या को अंजाम देने की योजना बनाई गई।
हार्टअटैक का रूप देने की थी योजना
कानपुर वेस्ट के DCP एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक, हत्या को शुरुआत में हार्टअटैक जैसा दिखाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस के अनुसार, शालू ने विशाल से कहा था कि कारोबारी के सो जाने के बाद तकिए से उनका मुंह दबा दिया जाए, ताकि मौत स्वाभाविक या हार्टअटैक जैसी लगे। हालांकि घटनाक्रम इस योजना के मुताबिक नहीं हुआ।
पुलिस के मुताबिक, विशाल करीब 12 साल से कारोबारी के संपर्क में था। उसे फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी भी उपलब्ध कराई गई थी। घटना वाली रात करीब 9:38 बजे शालू ने कथित तौर पर विशाल को मैसेज कर बताया कि घर खाली है और वह आ सकता है।
इसके बाद विशाल और राज किशोर फ्लैट में पहुंचे और बेडरूम में छिप गए।
कमरे में छिपे आरोपियों को देखकर चौंक गए विनीत
पुलिस के मुताबिक, रात में विनीत को भूख लगी तो उन्होंने फ्रिज में रखी मिठाई खाई और पानी पिया। इसके बाद वह घर के कमरों को लॉक करने के लिए निकलने लगे।
जब वह बेटे सुब्रत के बेडरूम में पहुंचे और लाइट जलाई तो उन्हें कमरे में विशाल और राज किशोर छिपे दिखाई दिए। अचानक दोनों को घर में देखकर विनीत घबरा गए और उन्होंने दोनों से वहां मौजूद होने की वजह पूछी।
आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने उन पर हमला कर दिया। विनीत ने बचने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन पर चाकू से वार किए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर चाकू के 26 वार मिले हैं।
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
हत्या वाले दिन शालू और विशाल के बीच 14 बार बातचीत
Kanpur Businessman Murder की जांच में पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR को भी खंगाला। इसमें पुलिस को शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क होने की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार, 1 जुलाई से हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 35 से 40 बार बातचीत हुई थी। अधिकांश कॉल छोटी अवधि की थीं और करीब डेढ़ से दो मिनट तक चलीं।
लेकिन हत्या वाले दिन दोनों के बीच संपर्क काफी ज्यादा रहा। शनिवार को सुबह करीब 9 बजे शालू ने विशाल को पहली बार फोन किया और देर रात तक दोनों के बीच कुल 14 बार बातचीत हुई।
पुलिस इस कॉल पैटर्न को हत्या की साजिश से जोड़कर जांच कर रही है।
2022 में चोरी के आरोप में नौकरी से निकाला गया था विशाल
जांच में विशाल की कारोबारी से पुरानी पहचान भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, विशाल वर्ष 2010 से विनीत की बिरहाना रोड स्थित दवा की दुकान पर काम करता था।
साल 2022 में कारोबारी ने उसे कथित तौर पर दुकान से चोरी करते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद उसे डांट-फटकार लगाकर नौकरी से निकाल दिया गया।
हालांकि इसके बाद भी विशाल कारोबारी के बेटे सुब्रत के कहने पर छोटे-मोटे कामों के लिए घर आता-जाता रहा। इसी वजह से वह परिवार और घर की गतिविधियों से परिचित था।
तीन बड़े सुरागों से पुलिस पहुंची बहू तक
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में तीन अहम बातें सामने आईं, जिनसे जांच की दिशा बदली।
पहला, हत्यारों ने कारोबारी पर बेहद बेरहमी से हमला किया। पोस्टमॉर्टम में 26 चाकू के वार सामने आए। इससे पुलिस को लगा कि हत्या किसी व्यक्तिगत विवाद या सुपारी से जुड़ी हो सकती है।
दूसरा, फ्लैट में किसी सामान की चोरी नहीं हुई। हमलावरों ने सिर्फ विनीत को निशाना बनाया और वहां से फरार हो गए। इससे पुलिस को शक हुआ कि हत्या का मकसद लूट नहीं था।
तीसरा, अपार्टमेंट के गार्ड ने बताया कि दोनों संदिग्धों को अंदर आने की अनुमति शालू की बातचीत के बाद मिली थी। यह जानकारी जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
करोड़ों का कारोबार, लेकिन घर में पैसों को लेकर विवाद
विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। पुलिस और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनका बेटा सुब्रत भी कारोबार में उनके साथ काम करता था। फर्म का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
परिवार रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के C-104 फ्लैट में रहता था। फ्लैट की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है।
पूछताछ में शालू ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि करोड़पति परिवार की बहू होने के बावजूद उसके और पति के खर्च पर ससुर का नियंत्रण था। उसका कहना था कि छोटे खर्चों के लिए भी उसे पैसे मांगने पड़ते थे।
पुलिस इसी कथित आर्थिक नियंत्रण और देर रात पार्टी करने को लेकर हुए विवाद को हत्या की साजिश की प्रमुख वजहों में देख रही है।
हत्या से पहले विनीत ने लगवाए थे CCTV कैमरे
पुलिस के अनुसार, विनीत को पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका थी। 1 जुलाई को उन्होंने अपने 3 BHK फ्लैट में CCTV कैमरे लगवाए थे।
एक कैमरा मुख्य गेट के सामने लगाया गया था, जिससे डाइनिंग हॉल का हिस्सा भी कवर होता था। दूसरा कैमरा बालकनी की ओर लगाया गया था, जहां से घर के दूसरे कमरों में जाने वाले रास्ते और एंट्री-एग्जिट पर नजर रखी जा सकती थी।
यही CCTV फुटेज बाद में Kanpur Businessman Murder की जांच में पुलिस के लिए अहम सबूत साबित हुई।
फिलहाल पुलिस ने बहू शालू को गिरफ्तार कर लिया है। नौकर विशाल और उसके साथी राज किशोर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती जांच में कारोबारी के बेटे सुब्रत की हत्या में भूमिका सामने नहीं आई है, हालांकि पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने में रखा था।
मामले में पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, पैसों के लेन-देन, आरोपियों के बीच संपर्क और हत्या के पीछे की भूमिका की जांच कर रही है।














