उमाकांत त्रिपाठी।मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। Sagar Poisonous Liquor Case में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। वहीं 112 लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। इन सभी का सागर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। शराब ठेकेदार समेत कुल 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध देशी शराब भी बरामद की गई है।
14 आरोपी गिरफ्तार, 225.12 लीटर अवैध शराब जब्त
Sagar Poisonous Liquor Case में बंडा और विनायका थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 1249 पाव यानी करीब 225.12 लीटर देशी शराब बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार बरामद शराब लाल मसाला सागर गोल्ड कंपनी की बताई जा रही है। बंडा पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 345 पाव यानी करीब 62.4 लीटर शराब जब्त की।
वहीं विनायका पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 904 पाव यानी करीब 162.72 लीटर देशी शराब बरामद की गई। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध शराब कहां तैयार की जा रही थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा था और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
13 मौतों की PM रिपोर्ट में शराब की पुष्टि
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक, अब तक हुई 22 मौतों में से 13 मौतों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शराब की पुष्टि हुई है। वहीं कुछ अन्य मौतों में अलग-अलग कारण सामने आने की बात कही गई है।
प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में घटना की पूरी कड़ी, लोगों की मौत के कारण, शराब की सप्लाई और प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों समेत तमाम पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
इससे यह भी स्पष्ट होगा कि जहरीली शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे रोकने में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
प्रशासन ने किया बड़ा फेरबदल
जहरीली शराब मामले के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। बंडा SDM आरती यादव को सागर कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ किया गया है।
उनकी जगह डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को बंडा SDM का प्रभार सौंपा गया है। संजय कुमार जैन के पास शाहगढ़ का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
प्रशासनिक फेरबदल को इस पूरे घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही को लेकर मजिस्ट्रियल जांच में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सोमवार को छह और लोगों की मौत
मामले में सोमवार का दिन भी बेहद दुखद रहा। सुबह महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी की मौत की जानकारी सामने आई।
इससे पहले भोपाल एयरलिफ्ट किए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार देर रात मौत हो गई थी। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हो चुकी थी। राम प्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी अभी सागर के अस्पताल में भर्ती है।
इसके अलावा दोपहर में गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और मुड़ना पैरा निवासी देश कुमार लोधी की भी मौत हो गई।
इन लगातार मौतों के बाद प्रभावित इलाकों में दहशत का माहौल है। प्रशासन की ओर से बीमार लोगों के उपचार और स्थिति पर निगरानी रखने की कोशिश की जा रही है।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने घटना को गंभीर और दुखद बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सिंघार ने संबंधित पुलिस और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों और पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की।
अवैध शराब के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
Sagar Poisonous Liquor Case में अब पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। 14 आरोपियों की गिरफ्तारी और 225.12 लीटर अवैध शराब की बरामदगी के बाद पुलिस शराब के निर्माण, बिक्री और सप्लाई की पूरी चेन खंगाल रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब प्रभावित क्षेत्रों तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मामले में 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। वहीं मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट से यह भी पता चल सकेगा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए कौन जिम्मेदार है और कहीं प्रशासनिक या विभागीय स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
फिलहाल 22 मौतों और 112 लोगों के बीमार होने के बाद सागर का यह मामला मध्य प्रदेश के सबसे गंभीर जहरीली शराब कांडों में शामिल हो गया है। प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के साथ अब लोगों की नजर मजिस्ट्रियल जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।














