खबर इंडिया की।मध्य प्रदेश में प्रस्तावित UPI चार्ज के विरोध में व्यापारियों ने 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से ज्यादा के UPI भुगतान लेने से इनकार किया। व्यापारियों के संगठनों के मोटे अनुमान के मुताबिक, इस विरोध के चलते प्रदेश में करीब 25% कारोबार प्रभावित हुआ। हालांकि उज्जैन समेत कुछ शहरों में विरोध का खास असर नहीं दिखा।
भोपाल और इंदौर में व्यापारियों ने UPI स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काले कपड़े डालकर विरोध जताया। इस दौरान ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए गए।
व्यापारियों का विरोध 15 अक्टूबर से लागू होने वाले प्रस्तावित UPI चार्ज को लेकर है। व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, 2 हजार रुपए से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI भुगतान पर 0.4% MDR लगाए जाने की बात है। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन बताई जा रही है।
भोपाल में 80% कारोबार UPI से होने का दावा
भोपाल व्यापारी संगठन से जुड़े अनुपम अग्रवाल के मुताबिक, शहर में करीब 80% कारोबार UPI के जरिए होता है। उनके अनुसार, 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ के दौरान भोपाल में करीब 25% कारोबार प्रभावित हुआ।
ग्वालियर में CAT के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया ने बताया कि शहर में रोजाना करीब 100 करोड़ रुपए का कारोबार UPI से होता है। ‘नो UPI डे’ पर इसमें करीब 20% कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया।
वहीं, इंदौर में UPI भुगतान में कमी के कारण करीब 50 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ने की बात व्यापारियों की ओर से कही गई।
MP में हर महीने करीब 63 हजार करोड़ रुपए का UPI कारोबार
अगस्त में मध्य प्रदेश में कुल 50.79 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए। इनका कुल मूल्य 63,628.33 करोड़ रुपए रहा। जुलाई में 49.6 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन के जरिए 66,107 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था।
अगस्त के आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में रोजाना औसतन करीब 1.64 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए। इनका औसत दैनिक कारोबार करीब 2,052 करोड़ रुपए रहा।
राष्ट्रीय पैटर्न के आधार पर कुल UPI भुगतान में करीब 20% भुगतान 2 हजार रुपए से अधिक के दायरे में आने का अनुमान लगाया गया है। इस हिसाब से मध्य प्रदेश में करीब 12,788 करोड़ रुपए का मासिक UPI कारोबार प्रस्तावित MDR के दायरे में आ सकता है।
इस अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 4.13 लाख ट्रांजैक्शन और लगभग 412 करोड़ रुपए के कारोबार पर प्रस्तावित चार्ज का असर पड़ सकता है।
2 हजार से ज्यादा पेमेंट पर भोपाल में नहीं बिकी सोने की अंगूठी
‘नो UPI डे’ के दौरान भोपाल के सराफा बाजार में भी इसका असर देखने को मिला। सुनील जैन सोने की अंगूठी खरीदने पहुंचे थे। उन्होंने रोज की तरह अपने पास ज्यादा कैश नहीं रखा था।
अंगूठी की कीमत 2 हजार रुपए से ज्यादा होने के कारण दुकानदार ने UPI से पेमेंट लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सुनील बिना खरीदारी किए वापस लौट गए।
बुधवार को ऐसी स्थिति मध्य प्रदेश के कई शहरों में देखने को मिली। हालांकि, ज्यादातर दुकानदारों ने 2 हजार रुपए से कम के UPI भुगतान स्वीकार किए। मेडिकल दुकानों पर भी ऑनलाइन पेमेंट लिया गया और कुछ मेडिकल स्टोर्स ने 2 हजार रुपए से अधिक के भुगतान भी स्वीकार किए।
व्यापारियों की चिंता: MDR का बोझ किस पर पड़ेगा?
व्यापारियों का कहना है कि MDR लागू होने से UPI स्वीकार करने की लागत बढ़ सकती है। उनका कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है।
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता अजय देवनानी के मुताबिक, 15 अक्टूबर से त्योहारों और शादियों के कारण साल का बड़ा कारोबारी सीजन शुरू होता है। उनका कहना है कि इस दौरान अगर व्यापारियों की लागत बढ़ती है तो उसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
इंदौर मावा व्यापारी और अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य कैलाश चंद्र खंडेलवाल ने प्रस्तावित व्यवस्था को अव्यावहारिक बताया। उनके मुताबिक, व्यापारी अतिरिक्त चार्ज अपनी जेब से नहीं देगा, बल्कि उसे अपनी लागत में शामिल करेगा। उनका दावा है कि इसका अंतिम भार ग्राहक पर पड़ सकता है।
इस तरह व्यापारियों का विरोध मुख्य रूप से UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR के संभावित कारोबारी प्रभाव को लेकर है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था के अंतिम स्वरूप और उसके लागू होने के बाद वास्तविक असर का आकलन आधिकारिक नियम और भुगतान आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा।














