Diwali Cyber Fraud: खबर इंडिया की।दिवाली का त्योहार खुशियां, खरीदारी और अपनों के साथ जश्न मनाने का मौका होता है। लेकिन इसी दौरान साइबर ठग भी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों फर्जी गिफ्ट, कैशबैक और सरकारी सहायता के नाम पर कई तरह के मैसेज भेजे जा रहे हैं। इनमें हजारों रुपये का इनाम, मुफ्त पैसे और आकर्षक दिवाली ऑफर देने का दावा किया जाता है।
Diwali Cyber Fraud के ऐसे मामलों में ठग लोगों की त्योहार से जुड़ी उत्सुकता का फायदा उठाते हैं। वे मैसेज में ऐसा लिंक देते हैं, जिस पर क्लिक करते ही यूजर को फर्जी वेबसाइट पर पहुंचाया जा सकता है। यहां आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर और दूसरी निजी जानकारियां मांगी जाती हैं। कुछ मामलों में लोगों को फर्जी ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है।
इस खतरे को लेकर पुलिस और सरकारी एजेंसियां भी लोगों को आगाह कर रही हैं। पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ साइबर पुलिस ने प्रधानमंत्री के नाम पर 8,000 रुपये का दिवाली गिफ्ट देने वाले फर्जी मैसेज को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, हैदराबाद पुलिस ने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के नाम पर 1,000 रुपये का दिवाली गिफ्ट देने वाले संदेश को फर्जी बताया है।
ऐसे में जरूरी है कि किसी भी अनजान मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच की जाए। आइए जानते हैं WhatsApp पर आने वाले ऐसे 5 फर्जी मैसेज कौन से हैं, जिनसे आपको सावधान रहना चाहिए और अगर गलती से किसी लिंक पर क्लिक हो जाए तो क्या करना चाहिए।
1. सरकार की तरफ से दिवाली गिफ्ट मिलने का मैसेज
साइबर ठगी का एक तरीका सरकारी योजनाओं और प्रधानमंत्री के नाम का इस्तेमाल करना है। इसमें लोगों को WhatsApp पर ऐसा मैसेज भेजा जा रहा है, जिसमें दावा किया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सभी भारतीय नागरिकों को दिवाली पर 8,000 रुपये दिए जा रहे हैं।
मैसेज में एक लिंक दिया जाता है और कहा जाता है कि उस पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करने के बाद सीधे बैंक अकाउंट में पैसे मिल जाएंगे। कई बार ऐसे संदेशों में सीमित समय तक ऑफर मिलने या तुरंत रजिस्ट्रेशन करने का दबाव भी बनाया जाता है।
इस तरह के लिंक पर क्लिक करने के बाद फर्जी वेबसाइट खुल सकती है। यहां लोगों से आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट और दूसरी निजी जानकारी भरने के लिए कहा जा सकता है। कुछ मामलों में रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर भी पैसे मांगे जा सकते हैं।
कैसे बचें: सरकार की किसी भी आर्थिक सहायता या योजना की जानकारी आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही जांचें। अनजान WhatsApp लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन न करें। किसी भी सरकारी योजना के नाम पर बैंकिंग जानकारी या OTP साझा करने से बचें।
2. डिजिटल पेमेंट कंपनी के नाम पर कैशबैक का लालच
दिवाली के मौके पर ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल पेमेंट बढ़ जाते हैं। साइबर ठग इसी का फायदा उठाकर Paytm, PhonePe और दूसरी डिजिटल पेमेंट कंपनियों के नाम पर फर्जी मैसेज भेज सकते हैं।
इन संदेशों में दावा किया जाता है कि यूजर को दिवाली के मौके पर 500, 1,000 या उससे ज्यादा रुपये का कैशबैक या गिफ्ट मिला है। इनाम हासिल करने के लिए मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है।
हैदराबाद पुलिस ने 1,000 रुपये के कथित दिवाली गिफ्ट वाले ऐसे ही फर्जी मैसेज को लेकर चेतावनी दी है। ठग असली कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके नकली वेबसाइट बना सकते हैं। इन वेबसाइट पर बैंकिंग डिटेल्स, कार्ड की जानकारी या दूसरी संवेदनशील जानकारियां मांगी जा सकती हैं।
ध्यान रखें कि पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई कैशबैक दिलाने के नाम पर UPI PIN या OTP मांगता है, तो यह ठगी का संकेत हो सकता है।
कैसे बचें: किसी भी कैशबैक या गिफ्ट की पुष्टि संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर करें। पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN न डालें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP साझा न करें।
3. दिवाली ग्रीटिंग कार्ड और शुभकामना वीडियो का लिंक
दिवाली पर दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामनाएं भेजने के लिए लोग WhatsApp पर फोटो, वीडियो और डिजिटल ग्रीटिंग कार्ड शेयर करते हैं। साइबर ठग इसी आदत का फायदा उठा सकते हैं।
आपको किसी अनजान नंबर से दिवाली ग्रीटिंग कार्ड या शुभकामना वीडियो देखने का लिंक मिल सकता है। कई बार ऐसा मैसेज किसी परिचित के WhatsApp अकाउंट से भी आ सकता है। संदेश में लिखा होता है कि इस लिंक पर क्लिक करके अपना खास दिवाली कार्ड देखें।
ऐसे लिंक पर क्लिक करने से फर्जी वेबसाइट खुल सकती है या किसी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने के लिए कहा जा सकता है। कुछ लिंक यूजर को अनजान ऐप इंस्टॉल करने या मोबाइल की जरूरी परमिशन देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इससे निजी जानकारी और डिवाइस की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
कैसे बचें: किसी अनजान लिंक से ग्रीटिंग कार्ड या वीडियो डाउनलोड न करें। अगर परिचित के नंबर से संदिग्ध लिंक आता है, तो पहले उन्हें फोन करके पुष्टि करें। अनजान APK फाइल डाउनलोड करने से बचें और मोबाइल में किसी संदिग्ध ऐप को अनावश्यक परमिशन न दें।
4. दिवाली शॉपिंग और लकी ड्रॉ जीतने का फर्जी मैसेज
दिवाली के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट और बड़े ब्रांड ग्राहकों के लिए कई तरह के ऑफर लेकर आते हैं। साइबर ठग इसी का फायदा उठाकर फर्जी लकी ड्रॉ और इनाम जीतने के मैसेज भेजते हैं।
इन संदेशों में दावा किया जाता है कि आपने दिवाली शॉपिंग के दौरान कोई बड़ा इनाम जीत लिया है। इसमें महंगा स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, कार या शॉपिंग वाउचर मिलने की बात कही जा सकती है।
इनाम पाने के लिए एक लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करने या मामूली डिलीवरी चार्ज जमा करने को कहा जाता है। कई बार लोगों से कार्ड नंबर, CVV, OTP और बैंकिंग डिटेल्स भी मांगी जाती हैं।
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि बिना किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लिए अचानक बड़ा इनाम मिलने का दावा संदेह पैदा करता है। ठग जल्दबाजी में भुगतान करवाने के लिए इनाम की समय सीमा खत्म होने का डर भी दिखा सकते हैं।
कैसे बचें: किसी भी लकी ड्रॉ या शॉपिंग ऑफर की पुष्टि संबंधित ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर करें। इनाम पाने के लिए अनजान लिंक पर भुगतान न करें। कार्ड नंबर, CVV और OTP किसी के साथ साझा न करें।
5. दिवाली बोनस और मुफ्त रिचार्ज देने वाला मैसेज
साइबर ठगी का एक और तरीका दिवाली बोनस, मुफ्त मोबाइल रिचार्ज और अतिरिक्त इंटरनेट डेटा देने का लालच है। ऐसे मैसेज में दावा किया जाता है कि किसी टेलीकॉम कंपनी की तरफ से सभी ग्राहकों को दिवाली पर मुफ्त रिचार्ज या अतिरिक्त डेटा दिया जा रहा है।
मैसेज के साथ एक लिंक भेजा जाता है। उस पर क्लिक करने के बाद यूजर से मोबाइल नंबर, OTP या दूसरी जानकारियां मांगी जा सकती हैं। कुछ मामलों में फर्जी वेबसाइट पर रिचार्ज ऑफर दिखाकर लोगों को भुगतान करने के लिए कहा जाता है।
ऐसे संदेशों में कई बार लिखा होता है कि ऑफर सिर्फ कुछ घंटों के लिए उपलब्ध है। इसका मकसद लोगों को बिना जांच-पड़ताल किए लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर करना होता है।
कैसे बचें: मुफ्त रिचार्ज और बोनस ऑफर की जानकारी अपनी टेलीकॉम कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर जांचें। अनजान लिंक पर मोबाइल नंबर और OTP दर्ज न करें। किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर भुगतान करने से बचें।
गलती से फर्जी लिंक पर क्लिक हो जाए तो क्या करें?
कई बार जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण लोग अनजान लिंक पर क्लिक कर देते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
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इंटरनेट कनेक्शन बंद करें: अगर लिंक खोलने के बाद कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे रही है, तो मोबाइल का इंटरनेट बंद कर दें।
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संदिग्ध ऐप हटाएं: अगर आपने किसी अनजान वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड करके ऐप इंस्टॉल किया है, तो उसे हटाएं और डिवाइस की सुरक्षा जांचें।
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बैंक को सूचना दें: अगर आपने बैंकिंग डिटेल्स, कार्ड की जानकारी या UPI से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें।
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पासवर्ड बदलें: अगर किसी फर्जी वेबसाइट पर आपने पासवर्ड दर्ज किया है, तो संबंधित अकाउंट का पासवर्ड बदलें। जरूरत पड़ने पर दूसरे डिवाइस से भी अकाउंट की सुरक्षा जांचें।
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साइबर क्राइम की शिकायत करें: अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हुई है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
दिवाली पर साइबर ठगी से बचने के लिए याद रखें ये 5 बातें
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अनजान WhatsApp और SMS लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें।
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किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN और बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
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मुफ्त गिफ्ट और कैशबैक के लालच में अनजान ऐप डाउनलोड न करें।
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सरकारी योजना और कंपनी के ऑफर की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें।
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मोबाइल और ऐप को समय-समय पर अपडेट करते रहें और संदिग्ध मैसेज को रिपोर्ट करें।
त्योहार की खुशियों के बीच डिजिटल सुरक्षा का रखें ध्यान
दिवाली के मौके पर साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना सकते हैं। कभी सरकारी सहायता, कभी कैशबैक तो कभी मुफ्त गिफ्ट के नाम पर लोगों को फंसाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में किसी भी मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।
याद रखें, कोई भी आकर्षक ऑफर मिलने पर तुरंत लिंक खोलने की जरूरत नहीं है। पहले उसकी सच्चाई जांचें। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को भी ऐसे फर्जी मैसेज के बारे में जानकारी दें, ताकि वे अनजाने में किसी साइबर ठगी का शिकार न बनें।
सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। दिवाली मनाएं, खुशियां बांटें, लेकिन अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा से समझौता न करें।















