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पाकिस्तान की इस खूबसूरत क्रिकेटर ने अचानक लिया संन्यास… अब शुरू की नई इनिंग्स

खबर इंडडिया की।पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। दाएं हाथ की तेज गेंदबाज ने करीब 13 साल तक पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 19 वनडे इंटरनेशनल और 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 4 अक्टूबर 2026 को उनके संन्यास की पुष्टि की।

कायनात ने वनडे क्रिकेट में 19 मैचों में 10 विकेट लेने के साथ 134 रन बनाए। वहीं 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उनके नाम 8 विकेट और 137 रन दर्ज हैं। यानी दोनों फॉर्मेट में उन्होंने कुल 18 विकेट हासिल किए। उनके करियर में विश्व कप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल रहे।

इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई के बाद शुरू की नई पारी

34 साल की कायनात इम्तियाज ने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा है। उन्होंने मैच रेफरी के तौर पर अपने नए करियर की शुरुआत कर दी है। हाल ही में अगस्त और सितंबर में कराची में आयोजित PCB नेशनल महिला अंडर-19 टी20 टूर्नामेंट में उन्होंने मैच रेफरी की जिम्मेदारी संभाली। यानी खिलाड़ी के रूप में उनका इंटरनेशनल सफर भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता अभी भी जारी है।

कायनात का यह नया रोल इसलिए भी खास है, क्योंकि उनका परिवार पहले से ही क्रिकेट से जुड़ा हुआ है। उनकी मां सलीमा इम्तियाज पाकिस्तान की जानी-मानी महिला अंपायर हैं। कायनात अब खिलाड़ी के बजाय मैच अधिकारी के रूप में क्रिकेट के मैदान से जुड़ी रहेंगी।

2010 में किया था टी20 इंटरनेशनल डेब्यू

कायनात इम्तियाज ने अक्टूबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पोटचेफस्ट्रूम में अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह पाकिस्तान की ओर से टी20 इंटरनेशनल खेलने वाली 22वीं महिला क्रिकेटर बनी थीं। इसके करीब एक साल बाद उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी कदम रखा।

कायनात ने बांग्लादेश के फतुल्लाह में आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे इंटरनेशनल मुकाबला खेला। इस तरह वह पाकिस्तान के लिए वनडे खेलने वाली 64वीं महिला क्रिकेटर बनीं।

2017 महिला वर्ल्ड कप में भी खेलीं

कायनात इम्तियाज ने 2017 महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। इस टूर्नामेंट में उन्हें चार मुकाबले खेलने का मौका मिला। इसके अलावा वह पाकिस्तान की उन महिला खिलाड़ियों में शामिल रहीं, जिन्होंने एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता।

कायनात 2010 में चीन के ग्वांगझू और 2014 में दक्षिण कोरिया के इंचियोन में आयोजित एशियन गेम्स में पाकिस्तान की गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा थीं। उनके इंटरनेशनल करियर की बड़ी उपलब्धियों में ये दोनों स्वर्ण पदक शामिल हैं।

इसके अलावा कायनात ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। इस तरह उनके करियर में वर्ल्ड कप, दो एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल रहे।

2023 में खेला था आखिरी इंटरनेशनल मैच

कायनात इम्तियाज का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में आया था। उन्होंने जनवरी 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला था।

इससे पहले अक्टूबर 2022 में उन्होंने थाईलैंड के खिलाफ सिलहट में अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला था। इसके बाद वह इंटरनेशनल क्रिकेट में दोबारा नहीं खेलीं।

2007 में शुरू किया था क्रिकेट का सफर

इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने से काफी पहले ही कायनात ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। फरवरी 2007 में उन्होंने PCB की नेशनल स्कूल्स अंडर-17 महिला चैंपियनशिप में कराची स्कूल्स अंडर-17 टीम का प्रतिनिधित्व किया था।

इसके बाद मार्च 2008 में उन्होंने घरेलू लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी साल उन्होंने घरेलू टी20 क्रिकेट में भी कदम रखा। इस तरह इंटरनेशनल स्तर पर पहुंचने से पहले उन्होंने जूनियर और घरेलू क्रिकेट में खुद को तैयार किया।

मां सलीमा इम्तियाज भी क्रिकेट में बना चुकी हैं पहचान

कायनात इम्तियाज के लिए क्रिकेट सिर्फ उनका अपना करियर नहीं, बल्कि परिवार से जुड़ी विरासत भी है। उनकी मां सलीमा इम्तियाज पाकिस्तान क्रिकेट में अंपायर के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

सलीमा 2024 में ICC इंटरनेशनल डेवलपमेंट पैनल में नियुक्त होने वाली पाकिस्तान की पहली महिला अंपायर बनी थीं। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अंपायरिंग की। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वह 9 महिला वनडे और 69 महिला टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुकी हैं।

2026 में सलीमा ने एक और उपलब्धि हासिल की। वह ICC महिला टी20 वर्ल्ड कप में अंपायरिंग करने वाली पहली पाकिस्तानी महिला बनीं। ऐसे में कायनात का मैच रेफरी बनना परिवार की क्रिकेट विरासत को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।

खिलाड़ी से मैच रेफरी तक का सफर

13 साल तक पाकिस्तान की जर्सी पहनने के बाद कायनात इम्तियाज अब मैदान पर खिलाड़ी के बजाय मैच अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। उन्होंने अपने नए करियर की शुरुआत भी कर दी है और अंडर-19 महिला टी20 टूर्नामेंट में मैच रेफरी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

इस तरह कायनात का इंटरनेशनल क्रिकेटर के रूप में सफर समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन क्रिकेट के मैदान से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ। अब वह मैच रेफरी के रूप में खेल का हिस्सा बनी रहेंगी और अपने अनुभव को एक नई भूमिका में इस्तेमाल करेंगी।

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