WhatsApp Wedding Invitation Scam :खबर इंडिया की।अजमेर में शादी का डिजिटल निमंत्रण डाउनलोड करना एक इंजीनियर के परिवार को भारी पड़ गया। WhatsApp Wedding Invitation Scam से जुड़े इस मामले में इंजीनियर के बेटे के बैंक खाते से कुल 1 लाख 35 हजार 388 रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। बताया जा रहा है कि इंजीनियर के मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए एक परिचित के नंबर से शादी का निमंत्रण आया था। उन्होंने कार्ड डाउनलोड किया, लेकिन उसमें कुछ दिखाई नहीं दिया। कुछ दिन बाद बैंक से ट्रांजेक्शन वेरिफिकेशन का मैसेज आने पर मामले का पता चला।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर अजमेर के कृष्णगंज थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खाते से पहले 80 हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद खाते में बची रकम से भी ट्रांजेक्शन होने की शिकायत सामने आई।
WhatsApp Wedding Invitation Scam: कैसे सामने आया पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, जयपुर निवासी 58 वर्षीय अनिल कुमार अजमेर में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। वह 17 अक्टूबर को अजमेर आए थे। उनके बेटे का जयपुर के गोपालबाड़ी स्थित एयू बैंक में सेविंग अकाउंट है। खाते में मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होने के कारण उनका बेटा मोबाइल के जरिए बैंकिंग लेन-देन करता था।
जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को अनिल कुमार के मोबाइल पर व्हाट्सऐप के माध्यम से एक परिचित के नंबर से शादी का निमंत्रण आया। मैसेज में शादी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। सामान्य निमंत्रण समझकर उन्होंने उसे डाउनलोड कर लिया।
हालांकि, डाउनलोड करने के बाद उसमें कुछ दिखाई नहीं दिया। उस समय उन्हें किसी तरह की गड़बड़ी का अंदेशा नहीं हुआ। इसके बाद 20 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:15 बजे एयू बैंक की ओर से 20 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन का वेरिफिकेशन मैसेज आया। तब तक उनके बेटे के बैंक खाते से 80 हजार रुपये निकल चुके थे।
बैंक का मैसेज मिलने के बाद परिवार को खाते में संदिग्ध लेन-देन का पता चला। इसके बाद उन्होंने बैंक से संपर्क कर खाते को सुरक्षित करने की कोशिश की।
खाते से पहले 80 हजार, फिर करीब 35 हजार रुपये निकले
पीड़ित के अनुसार, बैंक खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क किया और खाते को फ्रीज करने का अनुरोध किया। साथ ही साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की।
शिकायत के दौरान पता चला कि खाते में बची 35,389 रुपये की रकम में से भी करीब 35,388 रुपये निकल गए। इस तरह पीड़ित पक्ष ने कुल 1,35,388 रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।
मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और ठगी के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि केवल निमंत्रण डाउनलोड करने से ही धोखाधड़ी हुई या मोबाइल में किसी संदिग्ध फाइल, ऐप अथवा लिंक के जरिए साइबर अपराधियों को पहुंच मिली। इसलिए जांच पूरी होने से पहले ठगी के तकनीकी तरीके को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर कैसे हो सकती है साइबर ठगी?
आजकल व्हाट्सऐप पर शादी के निमंत्रण डिजिटल कार्ड, पीडीएफ या अन्य फाइलों के रूप में भेजे जाते हैं। साइबर अपराधी इसी तरह के संदेशों का इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने के लिए कर सकते हैं। कई बार परिचित का नंबर या अकाउंट इस्तेमाल होने से लोग बिना जांच किए फाइल डाउनलोड कर लेते हैं।
कुछ मामलों में संदिग्ध फाइल के जरिए मोबाइल में हानिकारक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कराने, नकली वेबसाइट पर ले जाने या बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, अजमेर के इस मामले में किस तकनीक का इस्तेमाल हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डिजिटल निमंत्रण डाउनलोड करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- भेजने वाले की पुष्टि करें: परिचित के नंबर से शादी का कार्ड आने पर भी फोन करके पूछ लें कि क्या उन्होंने वास्तव में निमंत्रण भेजा है।
- अनजान फाइल से बचें: संदिग्ध लिंक या ऐसी फाइल डाउनलोड न करें, जो किसी ऐप को इंस्टॉल करने या फोन की सेटिंग बदलने के लिए कहे।
- बैंकिंग जानकारी साझा न करें: ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- मोबाइल की सुरक्षा का ध्यान रखें: फोन और ऐप्स को अपडेट रखें तथा अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति देने से बचें।
- संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तुरंत कार्रवाई करें: बैंक को सूचना दें, खाते या संबंधित भुगतान माध्यम को सुरक्षित कराएं और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करें।
साइबर ठगी होने पर कहां करें शिकायत?
अगर आपके बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकल जाते हैं, तो तुरंत अपने बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर या संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें। इसके साथ ही भारत की साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। आप आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।
ट्रांजेक्शन के मैसेज, बैंक स्टेटमेंट, संदिग्ध व्हाट्सऐप संदेश और संबंधित मोबाइल नंबर जैसे सबूत सुरक्षित रखें। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज कराई जाएगी, रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश करने के लिए उतना ही बेहतर अवसर मिल सकता है। हालांकि, रकम वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।
अजमेर का यह मामला एक बार फिर बताता है कि डिजिटल निमंत्रण या परिचित के नंबर से आया संदेश भी बिना जांच के भरोसेमंद नहीं मानना चाहिए। किसी भी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी पुष्टि करना और बैंक खाते में होने वाले लेन-देन पर नजर रखना बेहद जरूरी है।














