LK Advani 99th Birthday: उमाकांत त्रिपाठी। भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेता और भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल लालकृष्ण आडवाणी का आज 99वां जन्मदिन है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लिए एक विशेष चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने आडवाणी के संघर्षपूर्ण जीवन, राजनीतिक योगदान, विचारधारा और देश के प्रति समर्पण को याद किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी जी ने बिना किसी कड़वाहट के शून्य से अपनी जिंदगी खड़ी की और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
LK Advani 99th Birthday के मौके पर लिखी गई इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने 1947 के विभाजन से लेकर जनसंघ और भाजपा के निर्माण तक के सफर का जिक्र किया। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए आडवाणी के संघर्ष और सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई ऐतिहासिक रथयात्रा को भी उनके राजनीतिक जीवन का निर्णायक अध्याय बताया।
प्रधानमंत्री ने आडवाणी की सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, निजी जीवन में सादगी और वैचारिक स्पष्टता की तारीफ करते हुए कहा कि उनका योगदान भारतीय राजनीति और लोकतंत्र के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
विभाजन की त्रासदी के बाद शून्य से खड़ी की जिंदगी
पीएम मोदी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को देव दीपावली के दिन कराची में हुआ था। उनका जीवन आधुनिक भारत के कई ऐतिहासिक अध्यायों का साक्षी रहा है।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि 1947 में देश के विभाजन की त्रासदी ने आडवाणी को अपना घर और परिचित परिवेश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। इसके बावजूद उन्होंने अपने भीतर किसी तरह की कड़वाहट नहीं आने दी। उन्होंने नए सिरे से जीवन शुरू किया और अपनी मेहनत, संकल्प और विचारों के दम पर आगे बढ़े।
पीएम मोदी के मुताबिक, आडवाणी का यही संकल्प आगे चलकर भारतीय जनसंघ को मजबूत बनाने और भारतीय जनता पार्टी के निर्माण में भी दिखाई दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस समय देश जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है। ऐसे में आडवाणी का जन्मदिन ऐतिहासिक रूप से भी विशेष महत्व रखता है।
अटल बिहारी वाजपेयी के साथ दोस्ती को बताया अनूठी मिसाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्ते को भारतीय लोकतंत्र की अनूठी मिसाल बताया।
उन्होंने लिखा कि आडवाणी जी और अटल जी की मित्रता और राजनीतिक साझेदारी कई दशकों तक चली। दोनों नेताओं ने करीब पांच-छह दशकों तक आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग के साथ काम किया।
पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति के इतिहास में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलते हैं, जब दो बड़े कद के नेता इतने लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हों।
दोनों नेताओं ने जनसंघ से लेकर भाजपा तक संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी राजनीतिक साझेदारी ने भाजपा को राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।
आपातकाल में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए किया संघर्ष
पीएम मोदी ने चिट्ठी में आडवाणी के लोकतंत्र के प्रति समर्पण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान आडवाणी ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
प्रधानमंत्री ने उनके प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि 1977 में सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में और बाद में गृह मंत्री तथा उप प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ आडवाणी का दृढ़ रुख हमेशा उल्लेखनीय रहेगा।
पीएम मोदी के अनुसार, आडवाणी का राजनीतिक जीवन सिर्फ सत्ता और संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों को भी प्राथमिकता दी।
सोमनाथ से अयोध्या तक की रथयात्रा को बताया ऐतिहासिक अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के जीवन में सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई ऐतिहासिक रथयात्रा को महत्वपूर्ण स्थान दिया।
उन्होंने लिखा कि यह यात्रा आडवाणी के राजनीतिक जीवन का निर्णायक अध्याय थी। पीएम मोदी ने बताया कि उन्हें इस यात्रा की परिकल्पना, तैयारी और संचालन से जुड़ने का अवसर मिला था।
गौरतलब है कि आडवाणी ने 1990 में सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथयात्रा निकाली थी। इस यात्रा ने देश की राजनीति में व्यापक प्रभाव डाला था। उस समय नरेंद्र मोदी भी भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण उस संकल्प की ऐतिहासिक परिणति बना।
सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निजी जिंदगी में सादगी
प्रधानमंत्री ने अपनी चिट्ठी में आडवाणी के व्यक्तित्व के कई पहलुओं का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि आडवाणी ने अपने आचरण से हमेशा सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और शुचिता का उदाहरण पेश किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि सादगी और संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व के विशेष गुण हैं। वे अध्ययनशील व्यक्ति हैं और इतिहास, साहित्य, सिनेमा तथा रंगमंच में गहरी रुचि रखते हैं।
उन्होंने आडवाणी की पुस्तक ‘माई कंट्री माई लाइफ’ का भी जिक्र किया। पीएम मोदी के मुताबिक, यह पुस्तक उनके अनुभवों और ऐतिहासिक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने आडवाणी के सिंधी संस्कृति से जुड़ाव और सिंधु दर्शन को लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने उनकी पत्नी कमला आडवाणी के योगदान को भी याद किया। पीएम मोदी ने लिखा कि कमला आडवाणी हर परिस्थिति में उनके लिए शक्ति और संबल बनी रहीं।
2024 में भारत रत्न से सम्मानित हुए थे आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी को वर्ष 2024 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे राष्ट्रसेवा के प्रति उनके आजीवन समर्पण के लिए देश की कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
आडवाणी ने जनसंघ से लेकर भाजपा तक संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे और उनके नेतृत्व में पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर विस्तार किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी ने कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियां तैयार कीं और पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
पीएम मोदी ने आडवाणी की बताईं दो सबसे बड़ी खूबियां
प्रधानमंत्री ने अपनी चिट्ठी में आडवाणी के व्यक्तित्व की दो विशेषताओं को खास तौर पर रेखांकित किया।
पहली खूबी- वैचारिक स्पष्टता और बौद्धिक प्रखरता: पीएम मोदी ने कहा कि आडवाणी के भाषण, लेखन और संसद में दिए गए वक्तव्य उनके गहन अध्ययन, विचारों की गहराई और सटीक अभिव्यक्ति का उदाहरण हैं।
दूसरी खूबी- राष्ट्र प्रथम की विचारधारा: प्रधानमंत्री ने लिखा कि आडवाणी ने छद्म धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ निर्भीकता से अपनी बात रखी और राष्ट्र प्रथम के विचार को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि जनसंघ से लेकर भाजपा तक आडवाणी ने संगठन को मजबूत किया और कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियों को तैयार किया।
भारतीय राजनीति में याद किया जाएगा आडवाणी का योगदान
लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर भारतीय राजनीति के कई बड़े बदलावों का गवाह रहा है। विभाजन के बाद भारत आना, जनसंघ को मजबूत करना, भाजपा के गठन में भूमिका निभाना, अटल बिहारी वाजपेयी के साथ लंबी राजनीतिक साझेदारी और राम रथयात्रा जैसे अध्याय उनके सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रहे हैं।
99वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिट्ठी के जरिए एक बार फिर उनके लंबे राजनीतिक सफर और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया गया है। भारत रत्न से सम्मानित आडवाणी का जीवन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बना रहेगा।















