Azamgarh School Harassment Case: खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में Azamgarh School Harassment Case ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विद्यालय में कथित प्रताड़ना से परेशान 14 साल की छात्रा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और एक शिक्षक पर फीस समेत दूसरे मामलों को लेकर छात्रा को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है।
यह मामला सिधारी थाना क्षेत्र के जयरामपुर का है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें छात्रा विद्यालय के कुछ लोगों पर आरोप लगाती दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
फीस और दूसरे मामलों को लेकर परेशान करने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, 14 वर्षीय छात्रा अपने विद्यालय में कथित तौर पर हो रही प्रताड़ना से परेशान थी। आरोप है कि विद्यालय के प्रधानाचार्य अखिलेश यादव और शिक्षक रिंकू उसे फीस समेत अन्य मुद्दों को लेकर परेशान करते थे। परिवार का कहना है कि स्कूल में लगातार होने वाली कथित परेशानियों के कारण छात्रा मानसिक तनाव में थी।
परिजनों का आरोप है कि इसी परेशानी से तंग आकर छात्रा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे तत्काल उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार रात उसने दम तोड़ दिया।
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रा के साथ कथित तौर पर हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
अस्पताल में भर्ती छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस मामले में अस्पताल में उपचार के दौरान रिकॉर्ड किया गया छात्रा का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में छात्रा विद्यालय के कुछ लोगों को गलत बताते हुए प्रधानाचार्य और एक शिक्षक पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाती दिखाई दे रही है। वीडियो में उसके द्वारा कही गई बातों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो में किए गए दावों को जांच के आधार पर ही सही या गलत माना जा सकेगा। पुलिस भी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
परिजनों का कहना है कि छात्रा विद्यालय में होने वाली कथित घटनाओं से परेशान थी। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि छात्रा के बयान, वायरल वीडियो और विद्यालय से जुड़े दूसरे तथ्यों की गंभीरता से जांच की जाए।
प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर
मामले में सिधारी थाना पुलिस को छात्रा के परिजनों की ओर से शिकायत दी गई है। सिधारी थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह के मुताबिक, छात्रा के चाचा ने प्रधानाचार्य अखिलेश यादव और शिक्षक रिंकू के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी शिक्षक से पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि छात्रा को विद्यालय में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। फीस और अन्य मामलों को लेकर परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।
छात्रा की मौत से उठे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
आजमगढ़ की यह घटना स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की मानसिक स्थिति और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। शिक्षा संस्थानों में बच्चों को सुरक्षित माहौल देना और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना बेहद जरूरी है।
फीस या अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए। वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल 14 साल की छात्रा की मौत से परिवार सदमे में है। परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच के नतीजों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में कथित प्रताड़ना के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस दुखद घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।















