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‘एक हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया’, UPSC शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

उमाकांत त्रिपाठी।भारत की नौकरशाही और सिविल सर्विसेज में अहम भूमिका निभाने वाले संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC 100 Years का सफर पूरा कर चुका है। आयोग के गठन के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित किया और UPSC की 100 वर्षों की यात्रा, बदलते दौर में सिविल सर्विसेज की भूमिका और भविष्य की चुनौतियों पर बात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक सदी के दौरान देश में कई पीढ़ियां बदलीं, सरकारें बदलीं, तकनीक बदली और परीक्षा का स्वरूप भी बदला, लेकिन UPSC पर लोगों का भरोसा लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल 100 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं, बल्कि उस विश्वास का भी उत्सव है जो देश के लाखों युवा इस संस्था के प्रति रखते हैं।

UPSC पर भरोसा आज भी मजबूत- PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि UPSC की 100 वर्षों की यात्रा अपने आप में एक बड़ी विरासत है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा की तैयारी करते हैं और देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।

उन्होंने कहा कि 100 साल के सफर में पीढ़ियां, तकनीक, सिलेबस और सरकारें बदलती रहीं, लेकिन UPSC पर लोगों का भरोसा पहले की तरह मजबूत बना हुआ है। शताब्दी समारोह के दौरान इस ऐतिहासिक यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया गया। इसके अलावा आयोग से जुड़े 100 महत्वपूर्ण केस लॉ का संग्रह भी लॉन्च किया गया।

प्रधानमंत्री ने UPSC की यात्रा से जुड़े सभी लोगों को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

आने वाले 20-25 साल भारत के लिए अहम

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आने वाले वर्षों में भारत के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा बीत चुका है और आने वाले 20 से 25 वर्ष भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को जिस तरह के नेतृत्व की जरूरत है, उसमें UPSC और राज्यों के चयन आयोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रधानमंत्री ने सिविल सर्विसेज में शामिल होने वाले युवाओं से राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम की भावना के साथ काम करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों की सेवा करना होना चाहिए। पीएम मोदी ने इसके लिए ‘नागरिक देवो भवः’ का मंत्र भी सामने रखा।

AI के दौर में बदल रही सिविल सर्विसेज की चुनौती

प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और AI कुछ ही समय में हजारों दस्तावेजों को प्रोसेस करने में सक्षम है।

ऐसे समय में सिविल सर्विसेज की कार्यप्रणाली में भी बदलाव की जरूरत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सिविल सर्वेंट्स को अलग तरह की परिस्थितियों में काम करना होगा। तकनीकी बदलाव के साथ समाज के सामने नई तरह की चुनौतियां भी सामने आएंगी।

पीएम मोदी ने कहा कि बदलती तकनीक और नए वर्क कल्चर के बीच प्रशासन को भी खुद को लगातार अपडेट करना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को पब्लिक ऑफिस की बजाय पब्लिक सर्विस की भावना से आकर्षित होना चाहिए।

गांव-कस्बों के युवाओं की बढ़ी भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने UPSC की पुरानी और मौजूदा व्यवस्था के बीच बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब आयोग का गठन हुआ था, तब बड़े शहरों और बड़े घरों के युवाओं को ज्यादा अवसर मिलते थे। अब गांवों और कस्बों से आने वाले युवा भी UPSC तक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बेटियों की बढ़ती भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बदलाव बताया। पीएम मोदी ने कहा कि UPSC के इतिहास में अब तक चार महिला चेयरपर्सन रही हैं और इनमें से तीन की नियुक्ति 2014 के बाद हुई है।

उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज में महिलाओं और छोटे शहरों से आने वाले युवाओं की भागीदारी बढ़ना देश में अवसरों के विस्तार को दर्शाता है।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का भी जिक्र किया। पीएम ने हाल में सामने आई फ्लाईदुबई विमान से जुड़ी घटना को याद करते हुए उनके साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की।

दिए गए विवरण के मुताबिक, दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में एक आपात स्थिति पैदा हुई थी। आरोप है कि विमान में मौजूद ओमान के को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट ने स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला भी किया, लेकिन उन्होंने उसका सामना किया। इसके बाद कॉकपिट का दरवाजा खोला गया और विमान में मौजूद यात्रियों ने को-पायलट को काबू करने में मदद की। बाद में विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि स्मित ने जिस तरह सूझबूझ और साहस का परिचय दिया, वह देश के लिए गर्व की बात है। पीएम ने बताया कि उन्होंने स्मित के पिता भूपेंद्र भाई, माता गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बातचीत की।

उन्होंने देशवासियों से कैप्टन स्मित के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करने की अपील की।

युवा शक्ति से राष्ट्र शक्ति का मिशन

प्रधानमंत्री ने UPSC और सिविल सर्विसेज में चयनित होने वाले युवाओं की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की ताकत है और सिविल सर्वेंट इस शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि UPSC से जुड़े लोगों को हमेशा याद रखना चाहिए कि उनका काम देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। प्रशासन में आने वाले युवाओं से नागरिकों की जरूरतों को समझने और बदलते समय के अनुरूप काम करने की अपेक्षा है।

UPSC के 100 साल पूरे होने का यह समारोह आयोग की ऐतिहासिक यात्रा के साथ-साथ भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों पर भी चर्चा का मंच बना। प्रधानमंत्री के संबोधन में परंपरागत प्रशासनिक व्यवस्था के साथ तकनीक, AI, युवा शक्ति और नागरिक केंद्रित शासन को आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया।

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