उमाकांत त्रिपाठी।आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे कैलाश गहलोत आज बीजेपी में शामिल हो गए. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. कल यानी रविवार को उन्होंने केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया था. पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया. इसके बाद फिर उन्होंने पार्टी छोड़ी थी. गहलोत केजरीवाल और आतिशी दोनों ही सरकार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर थे.बीजेपी में शामिल होने के बाद कैलाश गहलोत ने कहा कि आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुआ. मेरे लिए ये कोई आसान कदम नहीं था. अन्ना आंदोलन के समय से पार्टी से जुड़ा, दिल्ली के लिए काम किया. ये एक रात या दबाव में लिया फैसला नहीं है. मैने आज तक किसी के दबाव में कोई फैसला नहीं किया.
दिल्ली की राजनीति के लिए है टर्निंग प्वाइंट- खट्टर
वहीं, कैलाश गहलोत के बीजेपी में शामिल होने पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कैलाश गहलोत का बीजेपी में शामिल होना दिल्ली की राजनीति के लिंए टर्निंग प्वाईंट साबित होगा. गहलोत ने आप और बीजेपी के आंतरिक व्यवस्था की तुलना करने और मोदी सरकार के काम और नीतियों को देखकर बीजेपी में शामिल हुए. नजफगढ वैसे तो दिल्ली में है लेकिन वो हरियाणा के बेहद करीब है. दिल्ली मे बीजेपी सरकार बनाएगी.
केजरीवाल और AAP पर कैलाश ने बोला हमला
कैलाश कहलोत ने अपने इस्तीफे में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला. कैलाश गहलोत ने कल जब AAP से इस्तीफा दिया, दिल्ली की सियासत में खलबली मच गई. गहलोत एक समय में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बेहद खास थे. वह केजरीवाल और आतिशी दोनों की ही कैबिनेट में मंत्री रहे. मगर उन्होंने अपने इस्तीफे में केजरीवाल सरकार पर कई बड़े व गंभीर आरोप लगाए.गहलोत ने शीशमहल और यमुना जैसे मुद्दों का जिक्र किया. उन्होंने शीशमहल वादे को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि हमारे राज में यमुना पहले से और ज्यादा मैली हो गई. गहलोत ने कहा कि हम दिल्ली को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे पाए. उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र से लड़ते रहेंगे तो दिल्ली का विकास संभव नहीं है. हम लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम एंजेडों के लिए लड़ रहे हैं.
AAP अब ईमानदार पार्टी नहीं रही- कैलाश
कैलाश गहलोत ने ये भी कहा कि ईमानदार पार्टी देखकर मैंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी लेकिन अब यह पार्टी ईमानदार नहीं रही. मेरे पास आम आदमी पार्टी को छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था. उन्होंने साल 2015 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी और उसी साल साउथ वेस्ट दिल्ली की नजफगढ़ विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्हें जीत मिली थी.














