उमाकांत त्रिपाठी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 22 नवंबर को जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस के हेडक्वॉर्टर पहुंचने के संकेत हैं। दिल्ली पुलिस के अफसर ‘अपने चीफ’ को इंप्रेस करने के लिए तमाम तरह के पावरपॉइंट प्रजेंटेशन (PPT) बनाने में जुटे हैं। दिल्ली के लॉ ऐंड ऑर्डर से लेकर इस साल से प्रभावी तीन नए कानूनों को किस तरह से लागू किया जा रहा है, इसकी जानकारी गृहमंत्री को दी जाएगी। दिल्ली पुलिस की तरफ से चल रहे तमाम अभियान और नई योजनाओं को भी रखा जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि- सब कुछ ठीक रहा तो गृह मंत्री का शुक्रवार को PHQ का दौरा पक्का है।
शाह करेंगे हाई लेवल मीटिंग
दरअसल दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था को आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार मुद्दा बना रही है, जिसका इस्तेमाल वह आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में कर सकती है। ऐसे में गृहमंत्री की दिल्ली पुलिस के आला अफसरों के साथ होने जा रही इस मीटिंग को काफी अहम माना जा रहा है। विदेश और जेलों से ऑपरेट हो रहे गिरोहों पर लगाम लगाने में पुलिस विफल साबित हो रही है। गैंगस्टर्स और उनके गुर्गे लगातार मर्डर, रंगदारी, फायरिंग की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनकी जिम्मेदारी लेकर गैंगस्टर दिल्ली पुलिस को एक तरह से सीधी चुनौती देने का काम कर रहे हैं।इससे दिल्ली के कारोबारियों में दहशत का माहौल है। सूत्रों ने बताया कि- गैंगस्टर और उनके गुर्गे इसी दहशत का फायदा उठाकर जबरन वसूली का धंधा चला रहे हैं। बिजनेसमैन पुलिस के पास जाने के बजाय बिचौलियों के जरिए गैंगों को पैसा पहुंचाना बेहतर समझ रहे हैं। सट्टा ऑपरेटर, ड्रग्स सप्लायर, अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले और विवादित प्रॉपर्टी कब्जाने वालों के अलावा अब गैंगस्टर्स ने नेताओं, कारोबारियों, बिल्डर, प्रॉपर्टी डीलर, जिम संचालक और कार शोरूम के मालिकों को टारगेट करना शुरू कर दिया है। ये गैंग दिल्ली-एनसीआर में लगातार हत्या करवा रहे हैं और रंगदारी मांग रहे हैं।
दिल्ली की कानून व्यवस्था पर शाह भी हुए चिंतित
दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर निश्चित रूप से गृह मंत्री शाह भी चिंतित होंगे। सूत्रों ने बताया कि- दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP इसे बड़ा मुद्दा बना सकती है। पिछले दिनों AAP की तरफ से बढ़ती रंगदारी की कॉल्स और लगातार हो रही फायरिंग को लेकर पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। दबी जबान में खुद BJP नेता भी पुलिस के कामकाज को लेकर नाराजगी जताते हैं, लेकिन खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं दिखा पाते हैं। बहरहाल, दिल्ली में सक्रिय गिरोहों पर लगाम लगाने को लेकर निश्चित ही गृह मंत्री के सामने ब्लूप्रिंट रखा जाएगा। वैसे गृह मंत्री समय-समय पर पुलिस की तारीफ करते रहे हैं।














