उमाकांत त्रिपाठी। अयोध्या के राम मंदिर का अभी पहले फेज का काम ही पूरा हुआ है, दूसरा फेज भी प्राण प्रतिष्ठा से अगले दिन 23 जनवरी से शुरू हो गया। राम मंदिर बनते वक्त बड़ी-बड़ी क्रेन और हैवी मशीनरी की फोटो सामने आती रही हैं। दर्शन करने आ रहे लाखों लोगों की भीड़ संभालने के साथ दोबारा काम कैसे होगा, पूरा मंदिर कब तक तैयार होगा, इस पर कितने रुपए खर्च हुए हैं और आगे कितने होंगे। चलिए आपको सभी सवालों के जवाब दे देते हैं।
1800 करोड़ रुपए हुए खर्च
राम मंदिर में अभी सिर्फ एक फ्लोर तैयार है। इसी पर 1800 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। मुख्य शिखर, परकोटा, 5 छोटे शिखर 13 मंदिर, ट्रस्ट के ऑफिस, VVIP वेटिंग एरिया, यात्री सुविधा केंद्र, म्यूजियम, लाइब्रेरी और शोध संस्थान समेत कई काम बाकी हैं। गिरीश सहस्त्रभोजनी बताते हैं कि बचे काम में 2000 करोड़ रुपए की और जरूरत पड़ सकती है।
अभी दूसरे फ्लोर का काम बाकी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मेंबर कामेश्वर चौपाल, गिरीश सहस्त्रभोजनी की बात से सहमति जताते हैं। वे कहते हैं, ‘मुख्य मंदिर में अभी पहले और दूसरे फ्लोर का काम बाकी है। इसके अलावा परकोटे में देवी-देवताओं के 6 मंदिर सहित राम के जीवन से जुड़े शबरी, निषादराज सहित 7 पात्रों के मंदिर बनाए जाने बाकी हैं।’ ‘पूरे परिसर, यानी 70 एकड़ की बात करें तो अभी यात्री सुविधा केंद्र के साथ-साथ म्यूजियम और ग्रीन एरिया भी बनना बाकी है। इसमें करीब 2000 करोड़ रुपए लग सकते हैं।’ मंदिर की लागत 3800 करोड़ रुपए तक जाने की वजह बताते हुए कामेश्वर चौपाल कहते हैं कि क्वालिटी वर्क की वजह से एस्टिमेटेड कॉस्ट बदल जाती है। पहले मंदिर निर्माण में ग्रेनाइट पत्थर लगाने की बात नहीं थी, ग्रेनाइट पत्थर लगने से कॉस्ट बढ़ी है।














