उमाकांत त्रिपाठी।अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को पेरिस में एक समिट के दौरान कहा- मंगल ग्रह पर कॉलोनी बनाने का सपना देखने से पहले लोगों को पृथ्वी को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। कोई परमाणु युद्ध और जलवायु परिवर्तन भी लाल ग्रह को रहने लायक नहीं बना सकता।
रेन्यूएबल एनर्जी ने कॉन्फ्रेंस में बात की
रेन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए ओबामा ने उन अरबपतियों का जिक्र किया जो इंसानों को मंगल पर ले जाने वाली स्पेसशिप बना रहे हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- कुछ लोग मार्स पर जीवन बसाने की बात करते हैं क्योंकि उनके मुताबिक, पृथ्वी का पर्यावरण इतना खराब हो सकता है कि वो रहने लायक ही न बचे।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा बोले
ओबामा ने आगे कहा- अगर पृथ्वी पर परमाणु जंग भी हो गई तो भी यह मार्स की तुलना में ज्यादा रहने लायक होगा। अगर हमने क्लाइमेट चेंज को लेकर कोई कदम नहीं उठाया तब भी धरती पर ऑक्सीजन रहेगी। लेकिन मंगल ग्रह के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक
हमें मंगल ग्रह की जगह इस धरती को बेहतर बनाने और उसका ध्यान रखने पर खर्चा करना चाहिए। अंतरिक्ष में खोज का मकसद जानकारी इकट्ठा करना होना चाहिए। इस दौरान लोगों के रहने के लिए नई दुनिया बनाने पर फोकस नहीं होना चाहिए। हमें धरती पर रहने के लिए बनाया गया है और हमें इस धरती को रहने लायक रखने की कोशिश करनी चाहिए।
दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट बना रहे है एलन मस्क
स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क दुनिया के सबसे ताकतवर स्टारशिप व्हीकल की टेस्टिंग कर रहे हैं। यह एक रीयूजेबल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम है। इसके जरिए मस्क इंसानों को मंगल ग्रह पर भेजेंगे। स्टारशिप सिस्टम 100 लोगों को एक साथ मंगल ग्रह पर लेकर जाएगा।
मंगल ग्रह पर कॉलोनी बसाने की क्या है जरूरत?
मंगल ग्रह पर कॉलोनी बसाने की जरूरत पर एलन मस्क कहते हैं- ‘पृथ्वी पर एक लाइफ एंडिंग इवेंट मानवता के अंत का कारण बन सकता है, लेकिन अगर हम मंगल ग्रह पर अपना बेस बना लेंगे तो मानवता वहां जीवित रह सकती है।
एलन मस्क के मुताबिक
न्यूक्लियर युद्ध या किसी एस्टेरॉइड के टकराने से पृथ्वी का अस्तित्व खतरे में आ जाए। ऐसी स्थिति में हमारे लिए सबसे उपयुक्त मंगल ग्रह ही है। इससे इंसान अपना विनाश टाल सकते हैं। करोड़ों साल पहले पृथ्वी पर डायनासोर का भी अंत एक लाइफ एंडिंग इवेंट के कारण ही हुआ था।
पीएम मोदी बोले
इससे पहले COP28 वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट में PM मोदी ने कहा था- जिस तरह हम अपने हेल्थ कार्ड के बारे में सोचते हैं, उसी तरह हमें पर्यावरण के बारे में भी सोचना चाहिए। हमें ये भी सोचना चाहिए कि हमारी तरह पृथ्वी के हेल्थ कार्ड में भी पॉजिटिव पॉइंट्स जुड़ें।














