खबर टीम इंडिया की। आज (शुक्रवार) को दो फिल्में रिलीज हुई हैं। विद्युत जामवाल और अर्जुन रामपाल स्टारर फिल्म क्रैक- जीतेगा तो जिएगा और दूसरी फिल्म यामी गौतम स्टारर आर्टिकल 370। सच्ची घटना पर बेस्ड फिल्म आर्टिकल 370 की लेंथ 2 घंटे 40 मिनट है।
क्या है फिल्म की कहानी?
आर्टिकल 370 हटाने के पीछे की स्ट्रैटजी क्या थी, इतने बड़े फैसले के पीछे कौन-कौन लोग थे। उस वक्त का घटनाक्रम क्या था। फिल्म की कहानी यही बताती है। कश्मीर में हालात खराब हो रहे थे, ऐसे में सरकार को ध्यान देना था कि वहां खून भी न गिरे और इस काले प्रावधान को हटा भी दिया जाए। इसकी पहली आधारशिला तब रखी गई जब 2016 में आतंकी बुरहान वानी का एनकाउंटर हुआ। बुरहान का एनकाउंटर करने वाली ऑफिसर जूनी हकसर (यामी गौतम) को अनुशासन भंग करने का आरोप लगाकर कश्मीर से हटा कर दिल्ली भेज दिया जाता है। इसके बाद PM0 की एक अधिकारी राजेश्वरी स्वामीनाथन (प्रियामणि) के कहने पर जूनी को NIA का एजेंट बनाकर दोबारा कश्मीर भेजा जाता है। जूनी को जिम्मेदारी दी जाती है कि वो वहां के राजनेताओं, अलगाववादियों और उपद्रवियों से निपटकर हालात नॉर्मल करे। इधर दिल्ली में आर्टिकल 370 को हटाने के लिए हर नियम और कानूनी दांवपेच लगाए जाते हैं।
कैसी है एक्टिंग और डायरेक्शन
कभी-कभी लगता है कि यामी गौतम ऐसी फिल्मों के लिए ही बनी हैं। उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक बार फिर से उन्होंने शानदार काम किया है। यामी ने पूरी फिल्म को अपने कंधों पर संभाला है। PM0 में सेक्रेटरी बनीं प्रियामणि ने संजीदगी से अपना रोल निभाया है। उन्हें जैसा रोल दिया गया है, वो उसमें सटीक बैठती हैं। गृह मंत्री अमित शाह का रोल निभा रहे एक्टर किरण करमाकर इस फिल्म के सरप्राइज एलिमेंट हैं। उन्होंने अमित शाह के बॉडी लैंग्वेज को क्या खूब पकड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका में अरुण गोविल थोड़े हल्के लगे हैं। आर्मी ऑफिसर के रोल में वैभव तत्ववादी ने प्रभावित किया है। आदित्य सुहास जामभले फिल्म के डायरेक्टर हैं। डायरेक्शन में काफी सारी खामियां हैं। यह फिल्म डॉक्यूमेंट्री ज्यादा लगती है। वैसे तो फिल्म की लेंथ 2 घंटे 40 मिनट है, फिर भी ऐसा लगता है कि तथ्यों को जल्दी-जल्दी समेटने की कोशिश की गई है। हालांकि, कई-कई जगह डायरेक्टर इंटरेस्ट बनाने में कामयाब हुए हैं।














