उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के यूएई दौरे का आज पहला दिन है। प्रधान ने बुधवार को सारा मुसल्लम, प्रारंभिक शिक्षा राज्यमंत्री और अबू धाबी शिक्षा और ज्ञान विभाग (एडीईके) की अध्यक्ष, संयुक्त अरब अमीरात के शिक्षा मंत्री डॉ. अहमद अल फलासी और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री महामहिम शेख अब्दुल्ला बिन जायद से मुलाकात की। उन्होंने 42 अबू धाबी, स्कूल फॉर डिसरप्टिव लर्निंग का दौरा भी किया। आपको बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 1 से 3 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मकसद भारत और यूएई के बीच शिक्षा के क्षेत्र में हुए समझौते को आगे बढ़ाना है
दुनिया को खास संदेश देगा धर्मेंद्र प्रधान का ये दौरा
यूएई दौरे के पहले दिन प्रधान ने प्रधान भारतीय दूतावास सभागार में संयुक्त अरब अमीरात के उड़िया समुदाय के साथ भी बातचीत की। आपको बता दें कि केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह अपनी तरह का अनोखा दौरा है। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक सहयोग को लेकर उनकी यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। इस दौरान वो शिक्षा क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर देंगे। मोदी सरकार के प्रतिनिधि के रूप में धर्मेंद्र प्रधान का पूरा दौरा उस वक्त हो रहा है जब पूरी दुनिया इजरायल-हमास जंग के बीच बंटी नजर आ रही है। ऐसे में एक मित्र अरब देश यूएई की तीन दिनों की यात्रा दोनों देशों की शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत भी करेगी और अरब देशों को संदेश भी देगी कि भारत हिंसा के साथ नहीं है।
दोनों देशों के बीच साझा करार पर लगेगी मुहर
कल यानी गुरुवार को शिक्षा मंत्री अबू धाबी में ग्लोबल टेक इकोसिस्टम हब 71 का दौरा करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान इस फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी में जाकर वहां की ट्रेनिंग की सुविधाओं का जायजा लेंगे। जाहिर है पूरे दौरे पर धर्मेंद्र प्रधान का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित रहेगा कि भविष्य में कैसे इन सभी विषयों पर दोनों देशों के बीच साझा करार हो। दरअसल धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा से आते हैं, वह जानते हैं कि कौशल विकास की ट्रेनिंग लेकर ओडिशा के कोने कोने से लोग दुनिया भर में नौकरी पा रहे हैं। गुरुवार को प्रधान दुबई में ही डीपी वर्ल्ड के अध्यक्ष और सीईओ महामहिम सुल्तान अहमद बिन सुलेयम और वीएफएस के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।













