उमाकांत त्रिपाठी। पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर पिछले 7 दिन से आंदोलन कर रहे किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच रविवार (18 जनवरी) को चौथे दौर की बैठक हुई। मीटिंग में सरकार ने 4 फसलों पर MSP देने का प्रस्ताव दिया। किसान संगठनों ने इस पर दो दिन विचार करके 20 फरवरी की शाम को अपना फैसला सुनाने की बात कही है। पहले दिन आंदोलन की अगुआई कर रहे नेताओं ने खनौरी बॉर्डर पर जाकर किसानों से बात की। कल शंभू बॉर्डर पर इस बारे में चर्चा होगी। कल यानी 20 फरवरी की शाम को अपना फैसला सुनाएंगे कि आंदोलन खत्म करना है या दिल्ली कूच करेंगे।
2 दिन में फैसला करेंगे किसान
सरकार की तरफ से किसानों से बात करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार मक्का, कपास, अरहर और उड़द पर MSP देने को तैयार है। अगले 5 साल तक चारों फसलों की खरीद सहकारी सभाओं के जरिए होगी। नैफेड और NCCF से 5 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट होगा। किसान सभी फसलों को MSP पर खरीद के लिए कानून की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि फसलों की कीमतें स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएं। इसके अलावा किसानों ने मिर्च, हल्दी और दूसरे मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग के गठन की मांग भी की है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सभी जत्थेबंदियों से 19 और 20 फरवरी को विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 20 की शाम को अपना फैसला बता देंगे। 21 की सुबह 11 बजे तक दिल्ली कूच को स्टैंडबाय पर रखा है।
SKM ने ठुकराया केंद्र का प्रस्ताव
संयुक्त किसान मोर्चा ने फसलों पर केंद्र सरकार का प्रपोजल ठुकरा दिया है। केंद्र की ओर से 5 साल के लिए फसलों के विविधीकरण और खरीद का प्रस्ताव रखा गया था। इसे लेकर SKM के नेशनल कोर्डिनेशन कमेटी के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि वे बातचीत का हिस्सा नहीं थे। कोई भी प्रस्ताव सभी किसानों पर लागू होना चाहिए। सरकार ने MSP पर पांच फसलें मक्का, कपास, तूर मसूर और उड़द खरीदने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव पंजाब आधारित लगता है। इस हिसाब से बाकी किसान क्या करेंगे?














