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विदेश मंत्री एस जयशंकर की UN को दो टूक, कहा- आप देश में होने वाले चुनाव की चिंता न करे

उमाकांत त्रिपाठी।
भारत में होने वाले आम चुनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ओर से की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि किसी भी वैश्विक निकाय को यह चिंता करने की जरूरत नहीं है कि भारत में निष्पक्ष चुनाव हो।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक बोले
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने हाल में कहा था कि उम्मीद है कि भारत में होने वाले चुनाव में अन्य देशों की तरह ही राजनीतिक और नागरिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे जिससे हर कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में मतदान करने में सक्षम हो।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर बोले
केंद्रीय मंत्री और लोकसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर के लिए चुनाव प्रचार करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, ” संयुक्त राष्ट्र को हमें यह कहने की जरूरत नहीं है कि हमारे चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए. मेरे पास भारत के लोग हैं. भारत के लोग ही यह सुनिश्चित करेंगे कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो. इसलिए संयुक्त राष्ट्र को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

अरविंद केजरीवाल को लेकर अमेरिका ने की टिप्पणी
दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाले के आरोप में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने के आरोपों पर अमेरिका ने भी दो बार टिप्पणी की है

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता बोले
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रख रहा है और एक निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का बढ़ावा देता है. अमेरिका की इस टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा था कि भारत की कानूनी प्रक्रियाएं एक स्वतंत्र न्यायपालिका पर आधारित हैं जो ऑब्जेक्टिव और समय पर फैसलों के लिए प्रतिबद्ध है. भारतीय न्यायपालिका पर सवाल उठाना अनुचित है.

विदेश मंत्रालय बोले
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केजरीवाल को गिरफ्तार किए जाने के बाद जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमने इसे नोट किया है. भारत एक लोकतांत्रिक देश है. हमें उम्मीद है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांतों से संबंधित सभी मानकों को इस मामले में भी लागू किया जाएगा. केजरीवाल को निष्पक्ष सुनवाई का पूरा अधिकार है. जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा था कि निर्दोष होने के अनुमान कानून के शासन का एक प्रमुख तत्व है और वो इस केस में भी लागू होना चाहिए.

जर्मन विदेश मंत्रालय की टिप्पणी पर भारत ने उठाया एतराज
जर्मन विदेश मंत्रालय की टिप्पणी पर भारत ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा था कि हम ऐसी टिप्पणियों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के रूप में देखते हैं. भारत कानून के शासन वाला एक जीवंत और मजबूत लोकतंत्र है. जिस तरह भारत और अन्य लोकतांत्रिक देशों में कानून अपना काम करता है, इस मामले में भी कानून अपना काम करेगा. इस मामले में पक्षपातपूर्ण धारणाएं बनाना अनुचित है.

 

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