उमाकांत त्रिपाठी। दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों के नेता ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा के रॉकीज पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल होने के लिए कनाडा पहुंच गए हैं। सम्मेलन पर इस्राइल-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छेड़े गए व्यापार युद्ध का साया मंडरा रहा है। जी-7 की बैठक में एक संयुक्त बयान जारी किए जाने की उम्मीद है जिसमें इस्राइल और ईरान से तनाव कम करने, संयम बरतने और आपसी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया जाएगा। पढ़ें जी-7 समिट से जुड़े पल पल के अपडेट्स…
पीएम मोदी का जोरदार स्वागत
भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे। भारतीय समुदाय के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।विश्व मंच पर भारत के उचित स्थान प्राप्त करने पर भारतवंशियों के नारे, जयकारे और तिरंगे लहराना हर भारतीय के गर्व को दर्शाता है। इंडो-कनाडाई समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जी7 शिखर सम्मेलन में आना, भारत और कनाडा के तनावपूर्ण संबंधों में महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
अब जी-7 बेकार लग रहा- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में कहा कि साल 2014 में रूस को जी7 देशों के समूह से बाहर करना बड़ी गलती थी। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को भी आड़े हाथों लिया। ट्रंप के इस बयान पर अब रूस के राष्ट्रपति भवन- क्रेमलिन ने बयान जारी किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक क्रेमलिन ने कहा, रूस ट्रंप की इस बात से सहमत है कि 2014 में रूस को जी-7/8 देशों के समूह से बाहर करना एक गलती थी।
आपको बता दें कि रूस के शामिल होने पर जी7 समूह जी8 बन गया था। ट्रंप ने कहा था कि ओबामा और ट्रूडो के कार्यकाल में हुए गलत फैसले के कारण जी7 का यह प्रारूप रूस के लिए व्यावहारिक महत्व खो चुका है। जी-7 अब काफी बेकार लग रहा है।
पुतिन जानबूझकर कर रहे हमले- यूक्रेन
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कनाडा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए सिबिहा ने कहा, पुतिन ने जानबूझकर G7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के कीव में बड़ा हमला किया। सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से नागरिकों को निशाना बनाया गया।
विदेश मंत्री ने कहा कि पुतिन का यह बर्ताव अमेरिका और अन्य भागीदारों के प्रति पूर्ण अनादर का संकेत देता है। शांति की अपील और नरसंहार रोकने के आह्वान के बीच रूस युद्ध विराम या समाधान खोजने और युद्ध को समाप्त करने के लिए नेताओं की बैठक को अस्वीकार कर कूटनीतिक समाधान खोजने का दिखावा कर रहा है।














