उमाकांत त्रि्पाठी।सोना और चांदी के दाम बेकाबू हो चुके हैं. हर दिन इनकी कीमत तेजी से चढ़ जाती है. रिटेल से लेकर बड़े निवेश भी अब खुलकर इसपर दाव लगा रहे हैं. इस तेजी के साथ ही बड़े-बड़े एक्सपर्ट भी ये मान रहे हैं कि सोने-चांदी के दाम (Gold-Silver Rates) लॉन्ग टर्म में ऊपर की ओर जाएंगे. कीमती धातुओं के दाम रुकने वाले नहीं हैं. आए दिन ये धातुएं अपने रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच रही हैं.
अब कल यानी शुक्रवार को ही देखें तो एमसीएक्स पर चांदी के भाव में गजब की तेजी रही. कमोडिटी मार्केट में कारोबार बंद होने तक 5 मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 17145 रुपये चढ़कर 2,40,935 रुपये पर थी. हालांकि चांदी दिन के कारोबार के दौरान 19,000 रुपये चढ़कर 2 लाख 42 हजार रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी, जो इसका ऑल टाइम हाई लेवल है.
वहीं, सोने की कीमत में भी तेज उछाल देखने को मिली थी. MCX पर कल 5 फरवरी वायदा के लिए 10 ग्राम सोने का भाव 70 रुपये चढ़कर 139940 रुपये पर पहुंच गई, जबकि दिन के कारोबार के दौरान सोने के भाव में करीब 1200 रुपये की उछाल आई थी. सोने ने भी कल अपना ऑल टाइम हाई लेवल टच किया था.
एक सप्ताह में ही सोने-चांदी के दाम बेकाबू पिछले एक हफ्ते में ही सोने-चांदी के दाम में गजब की उछाल आई है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर की चीज हो चुकी है. 19 दिसबंर को 10 ग्राम सोने का भाव 1,34,196 रुपये था और आज इसकी कीमत 1.40 लाख रुपये के करीब है. यानी एक सप्ताह में ही इसकी कीमत में 6000 रुपये की तेजी आई है.
इससे भी ज्यादा तेजी चांदी की कीमत में आई है. 19 दिसंबर को चांदी की कीमत 2 लाख 8 हजार रुपये प्रति किलो पर थी, लेकिन इसकी कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये हो चुकी है. एक सप्ताह में ही इसके दाम में 32 हजार रुपये की उछाल आई है.
सोने और चांदी के भाव में क्यों आ रही इतनी तेजी?
इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच चुकी है. जिस कारण घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के दाम लगातार उछाल पर है.
गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
मार्केट में गिरावट के बीच लोग सोने और चांदी ईटीएफ के माध्यम से सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं.
डॉलर कमजोर हुआ है और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें बढ़ी है, जिस कारण सोने और चांदी के लिए मांग बढ़ रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है.
इससे इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ा है और निवेशक इसकी तेजी में भाग ले रहे हैं. राजनीतिक तनाव, तेल बाजार और संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना-चांदी ज्यादा मात्रा में खरीद रहे हैं.
केंद्रीय बैंकों द्वारा भी कीमती धातुएं ज्यादा मात्रा में खरीदी जा रही हैं, जिससे इसकी मांग बनी हुई है और दाम ऊपर की ओर चढ़ रहे हैं.
जानें-क्या करना चाहिए?
एक्सपर्टस का कहना है कि- सोने और चांदी की मांग बनी रहेगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें मुनाफावसूली देखी जा सकती है और गिरावट आ सकती है. ऐसे में निवेशकों को सावधानी से पैसे लगाने चाहिए. उनका कहना है कि गोल्ड और सिल्वर फिजिकल नहीं खरीदकर, ETF के माध्यम से हर हफ्ते या महीने में खरीद सकते हैं और धीरे-धीरे करके मोटा पैसा लगा सकते हैं. लॉन्ग टर्म में ये आपको ज्यादा मुनाफा करा सकता है.














