खबर इंडिया की।भारत और इंग्लैंड के बीच लंदन के ‘द ओवल’ मैदान में चल रहा तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का पांचवां टेस्ट दिलचस्प हो चला है. भारतीय टीम ने पहली पारी में 224 रन बनाए, फिर इंग्लैंड की टीम 247 रनों पर मामूली बढ़त लेकर ऑलआउट हो गई. इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 75 रन 2 विकेट के नुकसान पर बना लिए हैं.
दरअसल, जिस तरह यशस्वी जायसवाल खुलकर और बेबाक अंदाज में खेल रहे थे. ऐसे में पोप यशस्वी जायसवाल के सामने पेस अटैक ही लाना चाह रहे थे. वो स्पिनर्स लाने से डर रहे थे.जबकि- अंग्रेज टीम में जो रूट, हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल स्पिन गेंदबाजी के विकल्प थे. पोप को यह बात अच्छी तरह से पता थी कि अगर यशस्वी के सामने स्पिनर आए तो वो निश्चित ही उनके सामने चांस लेंगे, वही आकाश दीप के भी अगर स्लॉट में गेंद आती तो भी संभवत: खेलने से नहीं चूकते, ऐसे में पोप ने मैदान छोड़ने में ही अपनी टीम की भलाई समझी.
भारत ने दिन का अंत 52/2 की बढ़त के साथ किया. आखिरी ओवरों में साई सुदर्शन (11) आउट हो गए, लेकिन ये विकेट पिच के अजीब व्यवहार की वजह से भी गिरा, क्योंकि साई जिस बॉल पर आउट हुए वो काफी नीची रह गई. केएल राहुल ने 7 रन बनाने में 28 गेंदें झेलीं, कई बार बीट हुए लेकिन टिके रहे, जो अहम था. दूसरी ओर यशस्वी जायसवाल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने सात चौके और दो छक्के लगाए वह 51 रन बनाकर नाइट वॉचमैन आकाश दीप (4) के साथ टिके हुए हैं.













