उमाकांत त्रिपाठी। कोलकाता: International Yoga Day 2026 के अवसर पर देशभर में योग को लेकर उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे और ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में शामिल हुए। हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और उम्र बढ़ने के बावजूद फिट रहने का संदेश दिया।
From physical wellness to inner peace, yoga enriches every aspect of life. Delighted to join this year’s celebrations in Kolkata. https://t.co/75UZECw8JR
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि 40 वर्ष की उम्र में हम 20 वर्ष की उम्र जितने लचीले रहें, 50 वर्ष में 30 वर्ष जितनी ऊर्जा महसूस करें और 70 वर्ष की उम्र में भी 50 वर्ष जितने स्वस्थ और सक्रिय दिखाई दें।
इस वर्ष International Yoga Day 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को बढ़ती उम्र में भी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना है।
An exceptional Yoga Day programme was held at Kolkata’s Red Road this morning, in which people from all walks of life participated, giving an important message on the vitality of Yoga in everyone’s lives.
This time, the theme was ‘Yoga For Healthy Ageing’ which emphasised the… pic.twitter.com/XHd4pyK46f
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
कोलकाता के रेड रोड पर दिखा योग का उत्साह
कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया। सुबह-सुबह पूरे इलाके में योग की ऊर्जा और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं मंच पर कई योगासन किए और लोगों को सही तरीके से योग करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, त्रिकोणासन समेत कुल पांच प्रमुख आसनों का अभ्यास किया।
विशेष बात यह रही कि योग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री लोगों के बीच भी पहुंचे और कुछ प्रतिभागियों की योग मुद्राओं को सुधारने में मदद की। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा का विषय बना।
कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने योग को अपनाने का संदेश दिया।
पीएम मोदी बोले- योग उम्र नहीं, जीवन की गुणवत्ता बढ़ाता है
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग का उद्देश्य केवल बीमारी से बचना नहीं है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना भी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था का अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति केवल लंबी उम्र जिए, बल्कि वह पूरी ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सके।
Here are some more glimpses from the Yoga Day programme held in Kolkata. pic.twitter.com/XgE1G7sfHB
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा:
“हमें ऐसा लक्ष्य रखना चाहिए कि उम्र बढ़ने के साथ हमारी क्षमता कम न हो। 40 साल की उम्र में 20 साल जैसा लचीलापन, 50 साल में 30 साल जैसी ऊर्जा और 70 साल में 50 साल जैसा स्वास्थ्य बनाए रखना संभव है, यदि हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लें।”
उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है और यही संतुलन स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है।
योग बना दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में इसे अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 21 जून, जिसे पृथ्वी का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब विश्वभर में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक विस्तार है।
प्रधानमंत्री के अनुसार योग ने देशों, संस्कृतियों और समाजों के बीच की दूरियां कम करने का काम किया है।
उन्होंने कहा:
“योग लोगों को जोड़ता है। योग संस्कृतियों को जोड़ता है। योग पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बन चुका है।”
आज दुनिया के सैकड़ों देशों में लाखों लोग योग दिवस के अवसर पर एक साथ योग करते हैं, जो इसकी वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण है।
आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान है योग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, मोटापा और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग जीवन में संतुलन खोते जा रहे हैं। ऐसे समय में योग हमें संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है।
योग के नियमित अभ्यास से:
तनाव कम होता है
नींद बेहतर होती है
शरीर लचीला बनता है
हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है
मानसिक एकाग्रता बढ़ती है
प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है।
‘Yoga for Healthy Ageing’ क्यों है खास?
इस साल की थीम “Yoga for Healthy Ageing” इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दुनिया भर में बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं। यदि नियमित रूप से योग किया जाए तो:
जोड़ों की समस्या कम हो सकती है
मांसपेशियों की ताकत बनी रहती है
संतुलन बेहतर होता है
मानसिक स्वास्थ्य मजबूत रहता है
अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है
योग वृद्धावस्था को बोझ नहीं बल्कि सक्रिय और स्वस्थ जीवन के अवसर में बदल सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी दिया संदेश
दिल्ली में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है बल्कि मानसिक जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण साधन है।
जेपी नड्डा ने कहा कि योग मन को शांत रखता है, एकाग्रता बढ़ाता है और लंबे समय तक काम करने की ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।














