उमाकांत त्रिपाठी। 19 जनवरी, 2026 की दोपहर एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होना शुरू हुआ। इसमें पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स महिलाओं से अश्लील हरकतें करते दिख रहा है। दावा किया गया कि ये शख्स कर्नाटक के DGP रामचंद्र राव हैं और वीडियो उनके ऑफिस का है। शाम होते-होते CM सिद्धारमैया ने राव के खिलाफ जांच के आदेश दिए और 20 जनवरी को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
वीडियो में दिख रहीं महिलाएं कौन हैं, ये अभी तक पता नहीं चला है। पुलिस सोर्स के मुताबिक, वीडियो 2017 का है। तब राव नॉर्थ रेंज के IG थे। वायरल वीडियो पर राव का कहना है कि यह फर्जी है और इसे बनाने वालों पर केस करूंगा।
राव पहले भी विवादों में रहे हैं। उन पर कारोबारियों से जब्त पैसे हड़पने, सोने की तस्करी में आरोपी बेटी को बचाने के आरोप लग चुके हैं। बेंगलुरु सिटी के पुलिस कमिश्नर रह चुके IPS भास्कर राव दावा करते हैं कि रामचंद्र राव से तंग होकर पहले भी महिलाएं सुसाइड कर चुकी हैं।
CM ऑफिस से मिले आदेश के बाद वीडियो क्लिप की जांच की गई। टीम में शामिल कर्नाटक पुलिस के एक सीनियर ऑफिसर ने दैनिक भास्कर को बताया, ‘47 सेकेंड का ये वीडियो सीक्रेट तरीके से शूट किया गया है। इसे कई अलग-अलग क्लिप जोड़कर बनाया गया है। इसे शूट करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।‘रामचंद्र राव ने पुलिस को बताया है कि वीडियो में दिख रहा ऑफिस बेलगावी का है। वहां वे 8 साल पहले पोस्टेड थे। उनके बयान के आधार पर वीडियो में नजर आ रही महिला का पता लगा रहे हैं। उस तक पहुंचना अभी मुश्किल है क्योंकि महिला ने रामचंद्र राव के खिलाफ इस मामले में कोई शिकायत नहीं की थी।’
जांच के दो एंगल- हनीट्रैप या साजिश
कर्नाटक पुलिस के सोर्स ने दैनिक भास्कर को बताया कि दो एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है:
1. किसी ने निजी फायदे के लिए रामचंद्र राव को हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की है।
2. किसी ने साजिशन महिला से उनका अवैध रिश्ता उजागर करने के लिए ऐसा किया हो।
DGP राव मई, 2026 में रिटायर होने वाले हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उनकी छवि खराब करने के लिए जानबूझकर यह हरकत की गई।
जानें- वीडियो में दिख रहीं महिलाएं कौन है
वीडियो में एक ही महिला है या ज्यादा हैं? इस सवाल के जवाब में जांच अधिकारी कहते हैं, ’कितनी महिलाएं हैं ये अभी जांच का विषय है। हर बार उनका पहनावा अलग है। हो सकता है कि एक ही महिला हो, जो अलग-अलग दिन ऑफिस आई हो।’
कर्नाटक पुलिस के मुताबिक, ये साफ नहीं हुआ है कि महिलाओं पर कोई दबाव डाला गया, नौकरी या कोई लालच देकर उनका फायदा उठाया गया या वे अपनी मर्जी से आई थीं। इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।














