उमाकांत त्रिपाठी।ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर फिर से बातचीत करेगा. ब्राजील में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद यह ऐलान किया. डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि ब्रिटेन भारत के साथ एक नई रणनीतिक साझेदारी की तलाश करेगा, जिसमें व्यापार समझौता और सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना शामिल है. गौरतलब है कि FTA पर दो साल की चर्चा के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत मई 2024 में रुक गई थी.
भारत-ब्रिटेन व्यापार वार्ता पर डाउनिंग स्ट्रीट बोले
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के प्रवक्ता ने कहा कि- ब्रिटेन भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत के साथ एक नया व्यापार समझौता ब्रिटेन में नौकरियों और समृद्धि का समर्थन करेगा और देश में विकास और अवसर प्रदान करने के हमारे मिशन को आगे बढ़ाएगा. भारत-ब्रिटेन व्यापार वार्ता पर डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा है कि बिजनेस एंड ट्रेड विभाग (DBT) जल्द ही सरकार की नई व्यापार रणनीति का खुलासा करेगा, जो भविष्य की सभी व्यापार वार्ताओं को सूचित करने और व्यापार के माध्यम से दीर्घकालिक टिकाऊ, समावेशी और लचीला विकास हासिल करने में मदद करने के लिए अपनी औद्योगिक रणनीति के मुताबिक होगी.
पीएम मोदी ने बैठक को बताया अत्यंत उपयोगी
पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक को अत्यंत उपयोगी बताया है. एक ‘एक्स’ पोस्ट में उन्होंने लिखा, “रियो डी जेनेरियो में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ अत्यंत उपयोगी बैठक हुई. भारत के लिए, ब्रिटेन के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी अत्यंत प्राथमिकता वाली है. आने वाले वर्षों में, हम प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, सुरक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं. हम व्यापार के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत बनाना चाहते हैं.वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि- द्विपक्षीय बैठक ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी है. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी, पीएम मोदी ने रियो डी जेनेरियो में जी-20 ब्राजील शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर से मुलाकात की. नेताओं ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. उन्होंने संतुलित तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए की आवश्यकता को भी स्वीकार किया.
2022 में शुरू हुई थी एफटीए वार्ता
भारत और ब्रिटेन जनवरी 2022 से मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत कर रहे हैं. इस साल की शुरुआत में दोनों देशों में आम चुनावों के दौरान बातचीत रुक गई थी. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जून तक 12 महीनों में द्विपक्षीय व्यापार संबंध 42 अरब पाउंड था. एफटीए से इस आंकड़े में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है.














