उमाकांत त्रिपाठी। अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की खबरों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि जो इलाके तय नहीं हैं वहां सिर्फ निशान बना देने का मतलब यह नहीं कि उन्होंने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया है।
अरुणाचल प्रदेश से आने वाले रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन बॉर्डर से लगे अनिर्धारित इलाकों में भारतीय और चीनी सेनाएं गश्ती के दौरान कई बार एक-दूसरे से टकरा सकती हैं, लेकिन इससे भारतीय जमीन पर अतिक्रमण नहीं होता है।
चीनी अतिक्रमण की रिपोर्ट्स आई थी सामने
पिछले हफ्ते अरुणाचल में चीनी अतिक्रमण की खबरें आई थीं रिजिजू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले हफ्ते चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में घुस आई है और यहां के कपापू इलाके में कैंप लगाकर रुकी हुई है। इन रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था इस इलाके से अलाव, पत्थरों पर पेंटिंग और चाइनीज फूड मटेरियल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। रिजिजू ने PTI से कहा कि चीन हमारी जमीन नहीं ले सकता है। अनिर्धारित क्षेत्रों में दोनों देशों की सेनाएं कई बार एक-साथ गश्त लगाने आ जाती हैं। हालांकि उन्हें कोई स्थायी निर्माण करने की अनुमति नहीं है। हमारी ओर से कड़ी निगरानी होती है। केवल अनिर्धारित स्थानों पर निशान बना देने का मतलब यह नहीं है कि उस क्षेत्र पर कब्जा हो गया है।
अरुणाचल को अपनी जमीन मानता है चीन
रिजिजू ने कहा कि भारत सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है और यह जारी रहेगा। लेकिन हम किसी को भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास आने नहीं देंगे। 2020 से लद्दाख में चीनी-भारतीय सेना में तनातनी यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारतीय और चीनी सेना के बीच लद्दाख में तनातनी है। यह तनाव अप्रैल 2020 से जारी है। भारत और चीन के बीच लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक 3,400 किलोमीटर लंबी सीमा (LAC) है। चीन लगातार दावा करता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से उसका हिस्सा रहा है। इस दावे को भारत बेतुका और हास्यास्पद करार दे चुका है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत मानता है और यहां भारतीय नेताओं के दौरे पर आपत्ति जताता रहता है। चीन ने इस इलाके को जंगनान नाम दिया है। भारत उसके इस दावे को हमेशा से खारिज करता आया है। भारत अरुणाचल को अपना अभिन्न अंग बताया है। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश को बनावटी नाम देने के चीन के कदम को यह कहकर नकारती है कि ऐसा करने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी।














