उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह नामीबिया पहुंचे हैं। ये दौरा इस लिहाज के खास है क्योंकि भारतीय पीएम 27 साल के बाद नामीबिया गए हैं। इस दौरान नामीबिया से यूरेनियम के निर्यात और तेल- गैस की खोज में सहयोग पर भारत का समझौता हो सकता है, जो इस दौरे की अहमियत को बढ़ा देता है । नामीबिया में भारत के उच्चायुक्त राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि भारत नामीबिया से यूरेनियम का निर्यात करने और वहां हुई तेल-गैस की खोज में रुचि रखता है। ये भारत के लिए बड़ा फायदे का सौदा हो सकता है क्योंकि नामीबिया में कीमती खनिजों का बड़ा भंडार है। कई एक्सपर्ट नामीबिया को ‘अफ्रीका का सऊदी अरब’ तक कहते हैं।
सिर्फ 30 लाख की आबादी वाला देश
नामीबिया अफ्रीका एक छोटा देश है, जिसकी आबादी सिर्फ 30 लाख है। इसके बावजूद इसकी दुनिया में बहुत अहमियत है। इवकी वजह नामीबिया का तेल, गैस, यूरेनियम, तांबा, सोने और दूसरे खनिजों का भंडार है। नामीबिया दुनिया के बड़े तेल क्षेत्रों में से एक है। इसके अपतटीय भंडार में 20 अरब बैरल तेल होने का अनुमान है। साल 2035 तक नामीबिया को दुनिया के शीर्ष 10 तेल उत्पादकों में से एक बनाने की संभावना है। नामीबिया में गैस की भी महत्वपूर्ण खोज हालिया वर्षों में हुई है।
खजानों से भरपूर देश है नमीबिया
नामीबिया में यूरेनियम का भंडार है तो तेल और गैस भी है। नामीबिया में ये 1970 के दशक में शुरू में ही तेल की खोज शुरू हो गई थी लेकिन 2022 के बाद इस क्षेत्र में खोज की गतिविधि में नाटकीय रूप से तेजी आई है। पिछले कुछ सालों में नामीबिया में हुई तेल और गैस की खोज ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है और पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।
प्राकृतिक गैस का उच्च स्तर
नामीबिया के कई क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस का उच्च स्तर खोजा गया है। इस बेसिन में खोज की सफलता काफी ज्यादा है। नामीबिया में ड्रिलिंग गतिविधि इस साल खासतौर से बढ़ी है। हाल ही में राइनो रिसोर्सेज ने सैजिटेरियस 1-X कुएं में हाइड्रोकार्बन की खोज की घोषणा की है। इससे एक्सॉनमोबिल, शेल, टोटलएनर्जीज और शेवरॉन जैसी बड़ी कंपनियों के बीच बोली लगाने की होड़ है।
दुनिया के लिए बेहद खास है ये देएश
नामीबिया में 2,30,000 वर्ग किलोमीटर लाइसेंसी जमीन है, जबकि नॉर्वे में 100,00 वर्ग किलोमीटर से भी कम है। हालांकि यह क्षेत्र अभी बड़े पैमाने पर कम खोज वाला माना जाता है। यहां उत्तरी सागर और मैक्सिको की खाड़ी जैसे अपतटीय क्षेत्रों में हजारों की तुलना में केवल कुछ गहरे कुएं हैं लेकिन एक्सपर्ट आने वाले समय में तेजी से नामीबिया में खोज की सफलता बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
2035 तक तेल उत्पादक बनेगा नमीबिया
अपतटीय तेल की खोज से अनुमान है कि 2035 तक नामीबिया दुनिया के अग्रणी तेल उत्पादकों की श्रेणी में आ जाएगा। माना जा रहा है कि अगले 12-24 महीने नामीबिया की तेल आकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हों। 2026 में टोटलएनर्जीज बेसिन के व्यापक विकास की दिशा तय करेगा। इसी बीच ऑरेंज बेसिन में ड्रिलिंग और खोज का काम होगा। नामीबिया की अपतटीय तेल खोजें खासतौर से इस दशक में अफ्रीका के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसरों में से हैं।















