उमाकांत त्रिपाठी। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) 2025 तक महिलाओं को स्पेस में भेजने की प्लानिंग कर रहा है। इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा है कि वो देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन में महिला वैज्ञानकिों को तरजीह देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अभी हम एयरफोर्स के चुनिंदा फाइटर पायलटों को भेजने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन भविष्य में वो महिला फाइटर पायलट या वैज्ञानिक को अंतरिक्ष भेजना चाहते हैं। इसरो चीफ ने कहा कि इसरो 2035 तक भारत में स्पेस स्टेशन स्थापित करना चाहता है. ये बड़ा और महत्त्वपूर्ण लक्ष्य है।
इसरो चीफ ने बताया तीन दिन का होगा मिशन
आपको बता दें कि इससे पहले भारत ने शनिवार को अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान में पहली मानव रहित परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इससे पहले, परीक्षण को प्रतिकूल परिस्थिति के चलते प्रक्षेपण से महज चार सेकंड पहले रोक दिया गया, लेकिन इसके दो घंटे से कम समय बाद इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। सोमनाथ ने मानव मिशन में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा ‘इसमें कोई संदेह नहीं है…लेकिन हमें भविष्य में ऐसे संभावित (महिला) उम्मीदवारों का पता लगाना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि 2025 तक हम इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाला मिशन लॉन्च कर देंगे। हालांकि यह सिर्फ 3 दिन का होगा। हम अगले साल भेजे जाने वाले मानव रहित गगनयान मिशन में एक फीमेल ह्यूमनॉइड (रोबोट जो मानव जैसा दिखता है) भी भेज रहे हैं।
स्पेस स्टेशन भी बनाएगा भारत
इसरो चीफ ने कहा कि- हम देश के अंतरिक्ष मानव मिशन में महिला फाइटर जेट पायलट या साइंटिस्ट को भेजना चाहते हैं। एक ऑपरेशनल स्पेस स्टेशन बनाने की भी तैयारी है। हमारी कोशिश है कि हम 2035 तक इसे लॉन्च कर दें। यानी इसरो का लक्ष्य 2035 तक पूरी तरह से परिचालन वाला अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना है। इसके साथ ही अगले साल की शुरुआत में गगनयान मिशन का पहला अनमैन्ड मिशन प्लान किया गया है। अनमैन्ड मिशन यानी इसमें किसी भी मानव को स्पेस में नहीं भेजा जाएगा। अनमैन्ड मिशन के सफल होने के बाद मैन्ड मिशन होगा, जिसमें इंसान स्पेस में जाएंगे। मैन्ड मिशन के लिए इसरो ने साल 2025 की टाइमलाइन तय की है।














