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गृहमंत्री अमित शाह ने महानवमी के दिन किया ये शुभ काम, जैविक खेती को लेकर कही बड़ी बात

उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को एनसीईएल (नेशनल कोऑपरेटिव फॉर एक्सपोर्ट लिमिटेड) का लोगो और वेबसाइट लॉन्च किया। इसके साथ ही सहकारिता मंत्री ने सदस्यों के बीच प्रमाण पत्र भी बांटे। शाह ने इस खास मौके पर ब्रोशर भी लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने कहा की- हमारे देश में बहुत सारे किसान अब जैविक खेती की ओर रुख कर रहे हैं। पीएम मोदी ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं, और मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि 12 लाख से अधिक किसान पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं

महानवमी के दिन हुई एनसीईएल की शुरूआत
इस पूरे कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। इस दौरान शाह ने मंच से एनसीईएल की आगे की कार्ययोजना पर भी सार्थक चर्चा की। एनसीईएल द्वारा आयोजित सहकारी निर्यात पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि- हमारे शास्त्रों में लिखा है कि महा नवमी का दिन शुभ होता है। आज इस शुभ अवसर पर नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की औपचारिक शुरुआत हो रही है। अमित शाह ने कहा कि एनसीईएल यह सुनिश्चित करेगा कि निर्यात लाभ सदस्य किसानों तक पहुंचे, निर्यात लाभ का लगभग 50 प्रतिशत एमएसपी के ऊपर उनके साथ साझा किया जाएगा।

किसानों के साथ प्रॉफ‍िट शेयर क‍िया जाएगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा क‍ि एनसीईएल (NCEL) निर्यात से मुनाफा कमाने पर फोकस करेगा। इसके अलावा किसानों को निर्यात बाजार के लिए उत्पाद बनाने में भी मदद की जाएगी। यह सहकारी समितियों के सदस्य किसानों से लाभ को शेयर क‍िया जाएगा। फ‍िलहाल एनसीईएल अस्थायी दफ्तर से काम कर रहा है। कर्मचारियों की भर्ती हो रही है. NCEL को 7,000 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं।

इथेनॉल की बढ़ती मांग पूरी करेगी सरकार
राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) द्वारा ‘सहकारी निर्यात पर राष्ट्रीय संगोष्ठी’ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इथेनॉल की मांग को लेकर बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा की- जी 20 शिखर सम्मेलन में, पीएम मोदी ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन शुरू किया। भारत इस गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है, जो इथेनॉल और अन्य जैव ईंधन के बारे में दुनिया में जागरूकता पैदा कर रहा है। इससे मांग बढ़ेगी और भारत के पास उन मांगों को पूरा करने की असीमित संभावनाएं हैं। भारत में बहुत सी कंपनियां इथेनॉल का उत्पादन करती हैं। भविष्य में, हम मक्का का उपयोग करके इथेनॉल का उत्पादन कर सकते हैं।

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