उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार ने आमलोगों के हित में कई ऐसी योजनाएं चलाई हैं, जिनका जमीन पर असर भी देखने को मिल रहा है. युवाओं के लिए रोजगार का मसला हमेशा से अहम रहा है. मोदी सरकार ने इस दिशा में काफी काम किया है. कई तरह की योजनाएं चलाई गई हैं, जिनसे लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है. युवाओं और महिलाओं को रोजगार का अवसर मुहैया कराने के लिए जमीन पर काफी काम किया है, ताकि नौकरियों के साथ ही स्वरोजगार के मौके भी सृजित हो सकें. फिर वह चाहे नौकरी हो या फिर स्वरोजगार के लिए रियायती दर पर लोन देने की सुविधा.
आइए जानते है मोदी सरकार की 5 योजनांए :-
प्रधानमंत्री रोज़गार प्रोत्साहन योजना: नए रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) शुरू की गई थी. इस योजना से हजारों लाखों की तादाद में लोगों को लाभ मिला. लाभार्थियों ने अपना रोजगार शुरू करने के साथ ही अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित किए.
राष्ट्रीय करियर सेवा परियोजना: नौकरी मिलान, करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल विकास पाठ्यक्रमों की जानकारी, इंटर्नशिप आदि जैसी विभिन्न प्रकार की करियर संबंधी सेवाएं प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय रोजगार सेवा के परिवर्तन के लिए परियोजना की शुरुात की गई. इस परियोजना में तीन महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं – पहला, एनसीएस द्वार दूसरा, मॉडल कैरियर केंद्र और रोजगार कार्यालयों को आपस में जोड़ना.
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान: गरीब कल्याण रोज़गार अभियान की शुरुआत पीएम मोदी ने 20 जून 2020 को शुरू किया था. तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति के तहत संकटग्रस्त लोगों के लिए आजीविका के अवसर, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ गांवों को संतृप्त करना और आय सृजन गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे पहलू शामिल थे. इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया था.
पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना: दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) सितंबर 2014 से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत ग्रामीण गरीब युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम है. इस योजना के तहत 15-35 वर्ष के आयु वर्ग के ग्रामीण युवाओं को शामिल किया गया है.
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना: आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) सामाजिक सुरक्षा लाभ और कोविड-19 महामारी के दौरान रोजगार के नुकसान की बहाली के साथ-साथ नए रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 के हिस्से के रूप में अक्टूबर 2020 में लॉन्च किया गया था.














