उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली: Paper Leak Amendment Bill संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर देश के छात्रों और अभिभावकों को बड़ा संदेश दिया। करीब 2 मिनट 26 सेकेंड के इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई दशकों से देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र सरकारों के सामने चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के जरिए मजबूत बनाया जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि Paper Leak Amendment Bill केवल एक कानून नहीं बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक करने वाले किसी भी गिरोह या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
संसद से पास हुआ Paper Leak Amendment Bill
लोकसभा और राज्यसभा में विस्तृत चर्चा के बाद Paper Leak Amendment Bill को पारित कर दिया गया। सरकार का कहना है कि नए कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कठोर कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देशभर में वर्षों से पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्यों को मिलकर तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी ताकि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा,
“कई दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार इस प्रकार की पेपर लीक की परेशानी झेल रही है। बच्चों के भविष्य पर इसके कारण संकट पैदा हो रहा है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और तकनीक का अधिकतम उपयोग जरूरी हो गया है।”
पीएम मोदी बोले- पेपर माफिया के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
वीडियो में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार पेपर लीक करने वाले किसी भी नेटवर्क या गिरोह को नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि संसद में सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए कठोर प्रावधानों वाला कानून पारित कराया गया है। अब पेपर माफिया, परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोह और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा देना नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना ही समाप्त हो जाए।
17 मिनट में 8 लाख से ज्यादा लाइक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। महज 17 मिनट के भीतर वीडियो को 8 लाख से अधिक लाइक मिले।
करीब 2 मिनट 26 सेकेंड लंबे इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने परीक्षा सुधार, छात्रों का भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और नए कानून के महत्व पर विस्तार से अपनी बात रखी।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का स्वागत किया।
पिछले आठ दिनों में चौथा वीडियो
पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर प्रधानमंत्री लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संवाद कर रहे हैं।
23 जुलाई
प्रधानमंत्री ने आधी रात को वीडियो जारी कर कहा था कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने संकेत दिया था कि सरकार जल्द ही बड़ा कदम उठाएगी।
24 जुलाई
इसके अगले दिन प्रधानमंत्री ने लोगों का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में सकारात्मक सुझाव मिले हैं और सरकार उन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
26 जुलाई
प्रधानमंत्री ने एक और वीडियो जारी कर बताया कि परीक्षा सुधार के लिए हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को तकनीक आधारित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
अब नया वीडियो
Paper Leak Amendment Bill पारित होने के बाद प्रधानमंत्री ने एक बार फिर वीडियो जारी कर छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पेपर लीक के खिलाफ चला बड़ा आंदोलन
देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों में व्यापक नाराजगी देखने को मिली। विशेष रूप से नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए।
3 मई से छात्रों का विरोध तेज हुआ और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक अभियान चला। इसके बाद जंतर-मंतर पर कई दिनों तक प्रदर्शन और अनशन हुआ।
सरकार पर लगातार दबाव बढ़ने के बाद परीक्षा सुधार, नई व्यवस्था और सख्त कानून की मांग तेज हुई। इसी क्रम में Paper Leak Amendment Bill संसद में लाया गया और अब दोनों सदनों से पारित हो चुका है।
शिक्षा व्यवस्था में तकनीक पर रहेगा जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं होगा। आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग, सुरक्षित प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली, बेहतर साइबर सुरक्षा और आधुनिक परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था के जरिए पेपर लीक जैसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक के अधिक उपयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।














