उमाकांत त्रिपाठी। चुनाव सुधार और SIR पर लोकसभा में चर्चा के दौरान बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हुई। शाह की स्पीच के दौरान राहुल ने डिबेट का चैलेंज दे दिया। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- विपक्ष की राज्य सरकारें BLO की मदद नहीं कर रही हैं। विपक्ष को जब कोई पत्रकार पसंद नहीं आता तो ये कहते हैं कि वो भाजपा का एजेंट हैं। ऐसा नहीं होता।
ये इमरजेंसी नहीं है। कोई सवाल करता है तो कहते हैं संबंधित व्यक्ति बीजेपी का है। EVM का मुद्दा नहीं चला तो SIR पर आ गए। इनके हारने का कारण EVM, SIR, मतदाता सूची नहीं है। इसका कारण इसका नेतृत्व है।
शाह ने राहुल पर कसा तंज
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- मई 2014 में मोदी देश के पीएम बने। NDA की जीत हुई। 2025 तक हम 3 लोकसभा, 41 विधानसभा चुनाव जीते। विपक्ष 30 जगह चुनाव जीते हैं। अगर मतदाता सूची गलत है कि ये लोग ने क्यों शपथ ली।
उन्होंने आगे कहा कि- वायनाड की मतदाता सूची की गलतियां भाजपा ने बताईं। राहुल गांधी ने ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया। रायबरेली का भी हमने बताया था। इसलिए SIR किया जा रहा है।
चुनाव आयोग को बदनाम कर रहा विपक्ष
गृह मंत्री शाह ने कहा कि- स्टालिन, खड़गे, तेजस्वी, अखिलेश, ममता समेत और भी विपक्षी नेताओं ने EC पर आरोप लगाए। चुनाव आयोग स्वतंत्र चुनाव कराने की संस्था है। चुनाव कराना संवैधानिक प्रक्रिया है। आयोग पर सवाल करके इसकी छवि को धूमिल कर रहे हैं। भारत के लोकतंत्र की छवि धूमिल किया जा रहा है।
शाह ने आगे कहा कि- मतदाता को पता है उसने वोट दिया है। इसलिए चुन कर आए हैं। बिहार में हम दो तिहाई बहुमत से जीते हैं। ये नहीं जीते तो चुनाव आयोग, आयुक्त, लोकतंत्र को बदनाम करते हैं। हमने चुनाव हारे तो हमने कभी आरोप नहीं लगाए। हमने अपनी कमी पर सोच विचार किया।
इंदिरा रायबरेली से जीतीं, उस समय वोट चोरी हुई थी
शाह ने कहा, कि- संसद में हंगामे के बीच विपक्ष ने कहा- महात्मा गांधी को कोई वोट चोर कैसे बोल सकता है। फिर शाह बोलने लगे इंदिरा गांधी रायबरेली से जीतीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तय किया कि- इंदिरा ने उचित तरीके से चुनाव नहीं जीता, इसे रद्द करते हैं। ये वोट चोरी थी। इसे ढकने के लिए कानून लाया गया कि पीएम के खिलाफ केस नहीं हो सकता है।














