उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार ने लोगों को भय और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि- टीएमसी के “पापों का घड़ा भर चुका है” और अब जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जनता का लूटा हुआ पैसा वापस कराया जाएगा।
उन्होंने Sandeshkhali जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बताया। साथ ही आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में लोकतंत्र कमजोर हुआ है और संवैधानिक संस्थाओं की अनदेखी की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून यानी Citizenship Amendment Act (CAA) और घुसपैठ के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने का काम कर रही है, जबकि टीएमसी इसका विरोध कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि- तुष्टिकरण के इस खेल में बंगाल की महान पहचान को बदला जा रहा है। अभी TMC ने अपना घोषणा पत्र जारी किया है, लेकिन उसका नाम उन्होंने बांग्ला भाषा में नहीं रखा, बल्कि उसे इश्तेहार कहा जा रहा है।
सोचिए कि कैसे पश्चिम बंगाल की पहचान को बदल रहे हैं। आप जानते हैं कि इश्तेहार का इस्तेमाल बंगाल में किसलिए हुआ था। 1905 में मजहबी ताकतों ने बंगाल में लाल इश्तेहार जारी किया था। उसके बाद हिंदुओं का नरसंहार किया गया था। टीएमसी हमें उसी की याद दिलाना चाहती है। आपको भूलना नहीं है कि यहां निर्मम सरकार में खुलेआम धमकी दी जा रही है। ये खास मजहब के लोग बंगाल में हिंदुओं का रहना मुश्किल कर देंगे।













