उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM Modi Jantar Mantar Video के जरिए एक बार फिर देशवासियों से सीधे संवाद किया। शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो में उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें गालियां देने वाले “गुमराह बच्चे” हैं और वे उन्हें सजा नहीं बल्कि सही रास्ता दिखाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में गलतियां होती हैं और उन्हें सुधारने का अवसर भी मिलना चाहिए।
Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
यह वीडियो पिछले नौ दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का पांचवां सोशल मीडिया वीडियो है। वीडियो जारी होने के महज 30 मिनट के भीतर इसे 13 लाख से अधिक लाइक्स मिल गए, जिससे यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
PM Modi Jantar Mantar Video में क्या बोले प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो में कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने उन्हें और उनकी मां को बेहद अपमानजनक शब्द कहे, लेकिन वह इसे केवल गुस्से की घटना मानकर नहीं देखना चाहते।
उन्होंने कहा,
“बचपन में गलतियां होती हैं, लेकिन बचपन गलतियों को सुधारने का अवसर भी देता है। ये गुमराह बच्चे हैं। इन्हें राह दिखाने का समय है। मैं इन्हें माफ करना चाहता हूं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज में आक्रोश होना स्वाभाविक है, लेकिन केवल सजा देने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। उन्होंने युवाओं से आगे बढ़ने और सकारात्मक दिशा में काम करने की अपील की।
जंतर-मंतर की घटना क्या थी?
23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी।
वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और विभिन्न संगठनों ने इसकी आलोचना की। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो में इसी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसी भी सभ्य समाज के लिए उचित नहीं है और ऐसी भाषा समाज की संस्कृति के अनुरूप नहीं है।
रुचिका सिंह के खिलाफ FIR दर्ज
जंतर-मंतर मामले में वीडियो वायरल होने के बाद नोएडा निवासी रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 30 जुलाई को रुचिका सिंह पर जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और मानहानि सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।
इस कार्रवाई का कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विरोध भी किया और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को दिया सकारात्मक संदेश
PM Modi Jantar Mantar Video में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश के युवाओं के भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन देशवासियों और विशेष रूप से युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है।
उन्होंने कहा,
“मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूं। आप आगे बढ़िए, देश को आगे बढ़ाइए।”
प्रधानमंत्री का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
नौ दिनों में पांचवां वीडियो क्यों है खास?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ दिनों से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक सीधे संदेश पहुंचा रहे हैं। बीते नौ दिनों में उन्होंने पांच अलग-अलग वीडियो जारी किए हैं।
23 जुलाई
पेपर लीक रोकने के लिए आधी रात को संशोधन बिल लाने की घोषणा की।
24 जुलाई
वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों के लिए लोगों का धन्यवाद किया।
26 जुलाई
परीक्षा सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए हाईपावर टास्क फोर्स बनाने की जानकारी दी।
30 जुलाई
पेपर लीक संशोधन कानून पास होने के बाद कहा कि दशकों से देश इस समस्या से जूझ रहा है और अब कठोर कानून के जरिए इसे रोकने की कोशिश की जाएगी।
1 अगस्त
PM Modi Jantar Mantar Video जारी कर जंतर-मंतर विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी और युवाओं को माफ करने तथा सही दिशा दिखाने की बात कही।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रात 11 बजे साझा किया गया वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। इंस्टाग्राम पर लाखों लोगों ने इसे पसंद किया और हजारों यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा सीधे सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद करने की रणनीति युवाओं तक संदेश पहुंचाने में प्रभावी साबित हो रही है।
क्या है इस बयान का राजनीतिक संदेश?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस वीडियो के जरिए सख्त कार्रवाई की बजाय संवाद और सुधार का संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने विरोध करने वालों को दुश्मन नहीं बल्कि “गुमराह बच्चे” कहा और उन्हें माफ करने की बात कही। इससे उन्होंने राजनीतिक विवाद को व्यक्तिगत कटुता में बदलने के बजाय सामाजिक सुधार का संदेश देने का प्रयास किया।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।














