उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील की धरती से दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ बेहद सख्त संदेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ जंग में ब्राजील भी भारत के साथ खड़ा है। पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला डा सिल्वा के बीच मंगलवार को ब्रासीलिया में हुई द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों में 6 बड़े समझौते हुए।
ब्राजील में भी चलेगा हमारा यूपीआई
पीएम मोदी ने कहा कि ब्राजील में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लागू करने के साथ ही साथ कृषि अनुसंधान, आयुर्वेद के प्रचार, और अंतरिक्ष, AI, सुपरकंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को कार्निवल की रंगीनता, फुटबॉल की ऊर्जा और सांबा की सामूहिकता से जोड़ते हुए कहा, “हम वीजा प्रक्रियाएं आसान बनाकर आपसी संपर्क को बढ़ावा देंगे।”
ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत
भारत ने हमेशा की तरह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद किया। दुनिया की आबादी के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले ग्लोबल साउथ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इग्नोर किए जाने पर पीएम मोदी ने निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के बिना दुनिया बिना नेटवर्क वाले मोबाइल सिम जैसी है। पीएम मोदी ने भारत-ब्राजील साझेदारी को वैश्विक स्थिरता और संतुलन का आधार बताया और कहा कि विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के ज़रिए होना चाहिए।
6 अहम मुद्दों पर हुआ समझौता
प्रधानमंत्री मोदी के इस अहम दौरे के दौरान ब्राजील और भारत ने कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच मंगलवार को वार्ता के बाद भारत और ब्राजील ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करके 20 अरब अमेरिकी डॉलर वार्षिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही दोनों देशों ने ऊर्जा और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू हुए साइन
दोनों देशों ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और सीमापार संगठित अपराध से मुकाबला करने संबंधी समझौता और गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान व पारस्परिक संरक्षण से जुड़ा करार शामिल है। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग, डिजिटल परिवर्तन के लिए बड़े पैमाने पर समाधान साझा करने, बौद्धिक संपदा, और कृषि अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए।














