उमाकांत त्रिपाठी।चीन की सीमा से लगे भारतीय राज्यों के विकास पर केंद्र का विशेष ध्यान रहा है. अगर सीमा पर चीन को जवाब देना है तो अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से सटे क्षेत्रों का विकास जरूरी है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अरुणाचल प्रदेश को खास तोहफा देने जा रहे हैं. वह अरुणाचल प्रदेश में दो हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे. इसके अलावा पीएम त्रिपुरा में माता त्रिपुरा सुंदरी शक्ति के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे. इस दौरे पर वह दोनों राज्यों को ₹5,100 करोड़ से अधिक विकास कार्यों का तोहफा देंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश का दौरा करेंगे. यहां वे ₹3,700 करोड़ से अधिक की लागत वाले दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं- हेओ हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (240 MW) और टाटो–I हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (186 MW) की नींव रखेंगे. ये दोनों प्रोजेक्ट सियाम सब-बेसिन में विकसित होंगी. ये परियोजनाएं न केवल अरुणाचल प्रदेश के विशाल जलविद्युत संसाधनों का लाभ उठाएंगी, बल्कि सतत ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देंगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है.
कई और प्रोजेक्ट की नींव रखी
प्रधानमंत्री मोदी ने ₹1,290 करोड़ की कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी नींव रखेंगे. इनमें कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, अग्नि सुरक्षा, कार्यशील महिलाओं के हॉस्टल सहित विभिन्न क्षेत्रों को शामिल हैं. ये पहल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी, जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेंगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी. इससे सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है.
जानिए- त्रिपुरा में क्या करेंगे पीएम मोदी
त्रिपुरा में, प्रधानमंत्री माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे. यह मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है. पीआरएएसएडी योजना के तहत विकसित किया गया है. यह मंदिर ऊपर से कछुए के आकार में दिखाई देती है. इसमें मंदिर परिसर में संशोधन, नए मार्ग, नया प्रवेश द्वार और बाड़, जल निकासी प्रणाली, और एक नया तीन मंजिला परिसर है, जिसमें स्टॉल, ध्यान हॉल, अतिथि आवास, कार्यालय कक्ष आदि हैं. यह पर्यटन को बढ़ावा देगा, रोजगार और व्यवसाय के अवसर पैदा करेगा.














